मध्य प्रदेश में जल संरक्षण के लिए बड़ा अभियान शुरू
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जल संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में एक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है, जिसकी कुल लागत लगभग 2500 करोड़ रुपये है। इस योजना का उद्देश्य राज्य में जल संसाधनों का संरक्षण और सतत विकास सुनिश्चित करना है।
इस जल गंगा संवर्धन अभियान का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यह कार्यक्रम 139 दिनों तक चलेगा और यह तीसरा वर्ष है जब यह अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में जल संरक्षण के लिए व्यापक प्रयास किए जाएंगे और नागरिकों को भी इसमें भागीदारी करनी चाहिए। यह अभियान एक जन आंदोलन के रूप में विकसित होना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें शामिल हो सकें।
मुख्यमंत्री ने इंदौर में जल संरक्षण के कार्यों की आधारशिला रखी
मुख्यमंत्री यादव ने इंदौर में जल संरक्षण और संवर्धन के लगभग 22 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स की आधारशिला भी रखी, जिसमें तीन प्रमुख तालाबों का पुनर्निर्माण शामिल है। इस योजना के तहत नए तालाबों का निर्माण, पुराने तालाबों का जीर्णोद्धार, कुओं और बावड़ियों की मरम्मत, नहरों का सुधार, सूखी नदियों का पुनर्जीवित करना और भूजल पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष के अभियान में प्राथमिकता दी जाएगी पेयजल की गुणवत्ता में सुधार, स्टॉप डैम और चेक डैम का रखरखाव, और जल स्रोतों की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए कार्य किए जाएंगे। इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना और जल संसाधनों का संरक्षण करना है।
जल संरक्षण के लिए विशेष प्रयास और योजनाएं
सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि दस हजार से अधिक चेक डैम और स्टॉप डैम का नियमित रखरखाव किया जाए। साथ ही, जल संरक्षण के लिए नई संरचनाओं का निर्माण और पुराने स्रोतों का पुनर्जीवित करना प्राथमिकता होगी। इन प्रयासों का लक्ष्य है कि राज्य में जल की उपलब्धता बनी रहे और सूखे की स्थिति से निपटा जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के इन प्रयासों से न केवल जल स्रोतों की सुरक्षा होगी, बल्कि यह सूखे और जल संकट जैसी समस्याओं से निपटने में भी मदद करेगा। इस तरह के कदम राज्य के सतत विकास और जल सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।











