युद्ध जैसी स्थिति में भारतीयों की सुरक्षित वापसी में दीपिका अधाना का अद्भुत साहस
हरियाणा के फरीदाबाद की पायलट दीपिका अधाना ने अपने अदम्य साहस और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से 169 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने में अहम भूमिका निभाई। इस रेस्क्यू मिशन के दौरान एयर इंडिया एक्सप्रेस (Air India Express) की पूरी क्रू टीम महिलाएं थीं, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों का सामना बहादुरी से किया।
रास अल खैमाह में अचानक मिली रेस्क्यू की जिम्मेदारी
दीपिका ने बताया कि 6 मार्च को उन्हें अचानक रेस्क्यू मिशन पर जाने का आदेश मिला। उस समय उनकी एक साथी पायलट को पहले ही इस फ्लाइट में जाना था, लेकिन उड़ान से लगभग दो घंटे पहले ही उन्हें इस महत्वपूर्ण कार्य में शामिल होने का निर्देश मिला। जब उन्होंने अपने परिवार को इस बात की जानकारी दी, तो परिवार ने उन्हें हिम्मत और साहस से काम लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “मम्मी-चाचू आखिरी बार देख लो, शायद फिर न दिखूं।” इस मिशन में कुल छह महिलाएं शामिल थीं, जिनमें कैप्टन जसविंदर कौर, पायलट दीपिका अधाना और चार अन्य महिला क्रू सदस्य शामिल थीं।
सुरक्षा का भरोसा और सफल रेस्क्यू ऑपरेशन
दीपिका के अनुसार, युद्ध जैसी स्थिति के कारण क्रू मेंबर के मन में थोड़ी चिंता जरूर थी, लेकिन उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया। फ्लाइट दोपहर करीब दो बजे रास अल खैमाह एयरपोर्ट (Ras Al Khaimah Airport) पर उतरी, जहां माहौल शांत था और किसी तरह की अफरा-तफरी नहीं देखी गई। लगभग एक घंटे के भीतर 169 भारतीय यात्रियों को विमान में बिठाया गया और साढ़े तीन बजे दिल्ली के लिए उड़ान भरी। उड़ान के दौरान कुछ समय के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया था, जिससे थोड़ी चिंता हुई, लेकिन जल्द ही संपर्क फिर से स्थापित हो गया। अंततः यह फ्लाइट सुरक्षित रूप से दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Indira Gandhi International Airport) पर पहुंची।
दीपिका ने बताया कि बचपन से ही उनके दादा चाहते थे कि वह पायलट बनें। परिवार के समर्थन से उन्होंने यह सपना पूरा किया और आज एक जिम्मेदार पायलट के रूप में देश की सेवा कर रही हैं। 2020 में अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कमर्शियल पायलट लाइसेंस प्राप्त किया और 2024 में एयर इंडिया एक्सप्रेस (Air India Express) से जुड़ गईं।








