इंदौर में रंगपंचमी पर चोरी की बड़ी साजिश का पर्दाफाश
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में रंगपंचमी की गेर के दौरान हुई चोरी की घटना ने सभी को चौंका दिया है। इस त्योहार के दौरान भारी भीड़ उमड़ती है, जो चोरी और जेबकतरी की घटनाओं के लिए आदर्श अवसर बन जाती है। इस बार भीड़ का फायदा उठाकर कुछ अपराधियों ने मोबाइल और सोने की ज्वेलरी पार करने का प्रयास किया। इन अपराधियों ने इंदौर पहुंचने के लिए फ्लाइट का सहारा लिया था और होटल में ठहरे थे। क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कुल 20 संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
भीड़ का फायदा उठाकर अपराधियों की योजना का खुलासा
पुलिस के अनुसार, हर साल लाखों लोग रंगपंचमी की गेर में भाग लेते हैं, इस बार भी अनुमानित संख्या लगभग पांच लाख थी। इस विशाल भीड़ का लाभ उठाकर बाहरी राज्यों से आए एक गिरोह ने चोरी और जेबकतरी की घटनाओं को अंजाम देने की योजना बनाई थी। जब पुलिस को सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध लोग शहर में ठहरे हुए हैं और गेर के दौरान बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं, तो तुरंत ही क्राइम ब्रांच और छोटी ग्वालटोली थाना की टीम ने मिलकर कार्रवाई शुरू कर दी।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियों का विवरण
पुलिस ने सरवटे बस स्टैंड और आसपास के होटलों में तलाशी अभियान चलाया, जिसमें होटल नीलम और होटल गौरव में ठहरे कई संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में पता चला कि ये सभी आरोपी भीड़ में घुसकर मोबाइल और सोने की ज्वेलरी चोरी करने की योजना बना रहे थे। जांच में सामने आया कि गिरफ्तार किए गए 20 आरोपियों में से 15 बिहार के पूर्वी और पश्चिमी चंपारण के निवासी हैं, जबकि पांच नेपाल की राजधानी काठमांडू से आए थे। ये सभी आरोपी फ्लाइट से इंदौर पहुंचे थे और होटल में रहकर गेर के दौरान वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह भीड़भाड़ वाले आयोजनों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देने में माहिर है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि यदि यह गिरोह समय रहते पकड़ा नहीं जाता, तो बड़ी संख्या में लोग चोरी का शिकार हो सकते थे। फिलहाल, पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ कर रही है। साथ ही, यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस गिरोह के अन्य सदस्य भी शहर में मौजूद हैं या नहीं।









