बिहार में नीतीश कुमार की राज्यसभा जाने की चर्चा तेज
बिहार की राजनीति में इन दिनों नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य बनने की खबरें चर्चा का विषय बनी हुई हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में संसद की उच्च सदन में शामिल होने की अपनी इच्छा व्यक्त की है, जिससे राजनीतिक माहौल गरम हो गया है। बिहार में पिछले दो दशकों से सक्रिय राजनीति में रहने वाले नीतीश का सपना है कि वे लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद जैसे सभी चारों सदनों का हिस्सा बनें।
राबड़ी देवी का तीखा बयान और राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस बीच, बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और राजद नेता राबड़ी देवी ने नीतीश कुमार के इस फैसले पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश खुद राज्यसभा नहीं जाना चाहते, बल्कि भाजपा उन्हें वहां भेज रही है। राबड़ी देवी ने यह भी कहा कि नीतीश की बुद्धि भ्रष्ट हो चुकी है और उन्हें मुख्यमंत्री पद नहीं छोड़ना चाहिए। उनके इस बयान के बाद बिहार की राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है।
नीतीश कुमार का नामांकन और संभावित राजनीतिक बदलाव
5 मार्च को नीतीश कुमार ने पटना में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में अपने नामांकन पत्र दाखिल किया। बिहार से कुल पांच सीटें खाली हैं, जिनके लिए 16 मार्च को मतदान होना है। यदि नीतीश कुमार राज्यसभा में पहुंचते हैं, तो माना जा रहा है कि वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इस कदम के बाद विपक्षी दल इस पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि सत्तारूढ़ गठबंधन इसे सामान्य राजनीतिक निर्णय बता रहा है। अब सभी की नजर 16 मार्च को होने वाले चुनाव और उसके बाद बिहार में संभावित सत्ता परिवर्तन पर टिकी है।









