बिहार में नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार का राजनीतिक करियर तेजी से उभर रहा है
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार के राजनीति में प्रवेश को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही है। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले भी निशांत के सियासी कदम को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। अब जब नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है और दिल्ली की राजनीति में उनकी भागीदारी तय हो चुकी है, तो बिहार की राजनीतिक गलियारों में निशांत का नाम फिर से चर्चा का केंद्र बन गया है।
निशांत कुमार की राजनीतिक शुरुआत और संभावित भूमिका
सूत्रों के अनुसार, बिहार में मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद निशांत कुमार का नाम डिप्टी मुख्यमंत्री पद की रेस में सामने आ रहा है। उनकी राजनीतिक शुरुआत की तारीख भी लगभग तय हो चुकी है। शुक्रवार को पटना में जेडीयू नेताओं और विधायकों की बैठक में निशांत के राजनीति में आने की मांग उठी। इस बैठक में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने स्पष्ट किया कि निशांत कुमार जल्द ही राजनीति में कदम रखेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि निशांत कुमार आठ मार्च को जेडीयू की सदस्यता ग्रहण करेंगे, जो शाम तीन बजे होगी।
बिहार की राजनीति में निशांत कुमार का भविष्य और पार्टी की रणनीति
बैठक के दौरान कुछ विधायकों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। नीतीश कुमार ने इन विधायकों को भरोसा दिलाया कि वे राज्यसभा में जरूर जाएंगे, लेकिन बिहार में रहकर काम करते रहेंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि पार्टी के सभी कार्यकर्ता और विधायक चिंता न करें, क्योंकि वे सबकुछ देख रहे हैं और बिहार के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। नीतीश कुमार ने कहा कि वे तीन हाउस में गए थे और उनका मुख्य उद्देश्य राज्यसभा जाना था। उन्होंने यह भी कहा कि वे बिहार की जनता का ध्यान रखते हुए आगे भी काम करते रहेंगे।









