बिहार में राज्यसभा चुनाव की राजनीति तेज, कुशवाहा का नया दांव
बिहार में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। एनडीए के सहयोगी और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के नेता उपेंद्र कुशवाहा का कार्यकाल समाप्त होने वाला है, और वे इसको लेकर सक्रिय हो गए हैं। सोमवार को उन्होंने दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की और अपनी राज्यसभा में जाने की इच्छा व्यक्त की। इस मुलाकात के दौरान बीजेपी ने उन्हें एक ऐसा प्रस्ताव दिया है, जो उनके संसद पहुंचने का मार्ग तो खोलता है, लेकिन इसके लिए उन्हें अपनी पार्टी की बलि देनी होगी।
कुशवाहा की मुलाकात और बीजेपी का प्रस्ताव
सूत्रों के अनुसार, उपेंद्र कुशवाहा ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन से दिल्ली में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने फिर से राज्यसभा में प्रवेश की इच्छा जाहिर की। बीजेपी ने उन्हें एक फार्मूला भी सुझाया है, जिसके तहत उन्हें अपनी पार्टी आरएलएम का बीजेपी में विलय करना पड़ेगा। सवाल यह उठता है कि क्या कुशवाहा अपनी पार्टी का बलिदान देकर इस प्रस्ताव को स्वीकार करेंगे।
क्या कुशवाहा अपनी पार्टी का त्याग करेंगे?
कुशवाहा के लिए यह निर्णय आसान नहीं है, क्योंकि उनके पास अपनी पार्टी का समर्थन है और वे इस बार भी अपने दल के चार विधायकों के दम पर चुनाव लड़ रहे हैं। यदि वे पार्टी का विलय करते हैं, तो इससे उनकी पार्टी में नाराजगी बढ़ सकती है। जेडीयू में पहले भी विलय का अनुभव होने के कारण, कुशवाहा इस बार बहुत सोच-समझकर कदम उठाना चाहते हैं। उन्होंने बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से समय मांगा है, ताकि वे अपने फायदे-नुकसान का आकलन कर सकें। यदि उन्हें विलय का समय दिया जाता है, तो वे अंतिम निर्णय ले सकते हैं और संभवतः राज्यसभा के लिए चुने जा सकते हैं।











