बहरीन में ईरानी हमले से पटना के दीपक सुरक्षित बच गए
ईरान के युद्ध संकट के बीच बहरीन में हुए हमलों ने पटना निवासी दीपक कुमार और उनकी पत्नी पूजा को मौत के मुंह से निकाल लिया। दीपक मूल रूप से सहरसा के रहने वाले हैं और वर्तमान में बहरीन में कामकाज कर रहे थे। हाल ही में ईरान द्वारा बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य बेस पर किए गए बमबारी के दौरान उनका घर भी पास में था, जिससे वे भयभीत हो गए।
घटना के दौरान भय और भागदौड़ का माहौल
दीपक और उनकी पत्नी ने आजतक से वीडियो कॉल के माध्यम से बताया कि जैसे ही बमबारी शुरू हुई, पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धमाकों की आवाजें सुनकर वे तुरंत घर से बाहर निकले और सुरक्षित स्थान की ओर भागे। फिलहाल, वे बहरीन में एक पुराने मित्र के घर शरण लिए हुए हैं। उन्होंने कहा कि अभी भी स्थिति तनावपूर्ण है और वे बहुत डरे हुए हैं।
सहायता की अपील और परिवार की चिंता
दीपक ने वीडियो कॉल के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अपील की कि उन्हें किसी भी तरह सुरक्षित भारत लाया जाए। उन्होंने बताया कि वे और उनकी पत्नी लगातार भय के माहौल में हैं। पटना में उनके परिवार वाले भी चिंतित हैं। उनकी मां आशा प्रसाद, बहन डॉली भगत, बड़े भाई राजेश कुमार और भतीजी सारा गोपाल ने कहा कि जब से हमले की खबर मिली है, पूरा परिवार तनाव में है। परिवार के सदस्य लगातार संपर्क में हैं, लेकिन हर पल अनहोनी का डर बना रहता है।
परिजनों ने केंद्र और राज्य सरकार से आग्रह किया है कि बहरीन और अन्य खाड़ी देशों में फंसे बिहारियों को सुरक्षित स्वदेश लाने के लिए विशेष कदम उठाए जाएं। फिलहाल, दीपक और उनका परिवार सुरक्षित हैं, लेकिन स्थिति सामान्य होने तक उनकी चिंता बनी रहेगी।











