शिमला में दिल्ली और हिमाचल पुलिस के बीच रातभर का गतिरोध
शिमला में दिल्ली पुलिस और हिमाचल प्रदेश पुलिस के बीच तीन युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को लेकर रातभर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। गिरफ्तारी के बाद जब टीम आरोपियों को लेकर वापस जा रही थी, तो स्थानीय पुलिस ने उन्हें रोक लिया और शिमला लौटने पर उन्हें अदालत में पेश किया गया।
उस समय जब दिल्ली पुलिस आरोपियों को दिल्ली ले जाने का प्रयास कर रही थी, तो शोगी बॉर्डर पर फिर से रोक लगा दी गई। इस दौरान अपहरण, संपत्ति छुपाने, गलत तरीके से बंधक बनाने और गैरकानूनी जमावड़े जैसे गंभीर आरोप भी दर्ज किए गए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जांच में बाधा डालने का आरोप लगाया।
सीजर मेमो के माध्यम से विवाद का समाधान
अंततः जब दिल्ली पुलिस ने अपने पास मौजूद साक्ष्यों का सारांश यानी सीजर मेमो हिमाचल प्रदेश पुलिस को सौंपा, तो गतिरोध समाप्त हो गया। हालांकि, डिजिटल साक्ष्य साझा नहीं किए गए, लेकिन मेमो में उपलब्ध साक्ष्यों की सूची दी गई। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि यदि और कोई जानकारी चाहिए तो हिमाचल पुलिस को लिखित में अनुरोध करना होगा।
गिरफ्तार युवाओं के नाम और आगे की कार्रवाई
गिरफ्तार तीन युवाओं के नाम सौरभ सिंह, अरबाज और सिद्धार्थ बताए गए हैं, जो उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के निवासी हैं। एक सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक ने कहा कि जांच के बाद जब पहचान स्पष्ट हो गई थी, तो स्थानीय पुलिस को टीम को जाने देना चाहिए था। साथ ही, गिरफ्तारी के बाद तुरंत ही स्थानीय थाने को सूचित करना भी जरूरी था। अंत में, रातभर चले गतिरोध के बाद दिल्ली पुलिस की टीम तीनों आरोपियों के साथ राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना हो गई।











