मजफ्फरपुर में ब्लू ड्रम कांड का न्यायिक निर्णय
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में वर्ष 2021 में चर्चित ‘ब्लू ड्रम कांड’ के मामले में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। मुख्य आरोपी सुभाष शर्मा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही, अदालत ने आरोपी पर पचास हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
कहानी का मुख्य आधार और जांच प्रक्रिया
यह सनसनीखेज मामला सितंबर 2021 का है, जब सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के बालूघाट मोहल्ले में एक किराए के मकान में विस्फोट और आग लगने की सूचना मिली। फायर ब्रिगेड की टीम जब मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया, तो घर के अंदर एक क्षतिग्रस्त नीले ड्रम से शव बरामद हुआ। शव के टुकड़े कर रसायनों के साथ ड्रम में रखे गए थे ताकि उसकी पहचान न हो सके। जांच में पता चला कि मृतक राकेश सहनी की हत्या उसकी पत्नी राधा देवी और सुभाष शर्मा ने मिलकर की थी। हत्या के बाद शव को छुपाने के लिए नमक, ब्लीचिंग पाउडर, फिनाइल और अन्य रसायनों का प्रयोग किया गया था, ताकि शव गल जाए और कोई सुराग न मिले। लेकिन 18 सितंबर 2021 की रात को केमिकल रिएक्शन से ड्रम में जोरदार विस्फोट हो गया। इस धमाके के कारण कमरे में आग लग गई और पूरे मामले का खुलासा हो गया।
अदालत का फैसला और आरोपी की स्थिति
19 सितंबर को मृतक के भाई दिनेश सहनी की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसमें राधा देवी, उसकी बहन कृष्णा देवी, साढ़ू विकास कुमार और सुभाष शर्मा को नामजद किया गया। सुभाष शर्मा को घटना के बाद गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। उसने अपने अपराध को स्वीकार किया है। हाई कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका दो बार खारिज कर दी थी। अदालत के फैसले के अनुसार, सुभाष शर्मा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। वहीं, मृतक की पत्नी राधा देवी अभी भी फरार बताई जा रही है। अन्य आरोपियों के खिलाफ सुनवाई जारी है।











