मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य तैनाती का प्रभाव
अमेरिका द्वारा मध्य पूर्व क्षेत्र में एयरक्राफ्ट कैरियर और फाइटर जेट्स की तैनाती के बाद बाजारों में तीव्र प्रतिक्रिया देखने को मिली है। इस सैन्य कदम के कारण तेल के दाम तेजी से बढ़कर 71 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चले गए हैं। साथ ही शेयर बाजार में गिरावट दर्ज हुई है और सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को परमाणु समझौते के लिए दस दिन की अंतिम चेतावनी दी है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
तेल बाजार और वैश्विक आर्थिक संकेतक
मध्य पूर्व का स्ट्रेट ऑफ होर्मुज विश्व के समुद्री तेल व्यापार का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा संभालता है। यदि इस मार्ग में कोई रुकावट आती है, तो सबसे पहले पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ेंगी, जिससे घरेलू बजट पर दबाव पड़ेगा और महंगाई की आशंकाएं बढ़ेंगी। इस बीच, तेल की कीमतें ब्रेंट क्रूड में 71 डॉलर से ऊपर पहुंच गई हैं, और ट्रंप की चेतावनी के बाद यह 72 डॉलर तक पहुंच गई। बाजार में निवेशक सतर्क हैं और देख रहे हैं कि क्या ईरान इस रणनीति का जवाब देगा।
बाजार की प्रतिक्रिया और भविष्य की आशंकाएं
तेल की कीमतें बढ़ने के साथ ही शेयर बाजार में भी गिरावट देखने को मिली है। एशियाई बाजार 0.4 प्रतिशत तक गिर गए, जबकि अमेरिकी और यूरोपीय फ्यूचर्स में मामूली बढ़त दर्ज हुई है। सोने की कीमतें दो दिनों की तेजी के बाद लगभग 5,000 डॉलर प्रति औंस के पास पहुंच गई हैं, जो इस माह के दौरान 5,595 डॉलर से गिरकर 4,400 डॉलर तक आ गई थी। विश्लेषकों का मानना है कि यदि तनाव बढ़ता है, तो सोना फिर से तेजी पकड़ सकता है, क्योंकि यह अस्थिरता का संकेतक बन गया है।











