बिहार विधानसभा चुनाव में गड़बड़ियों का मामला हाईकोर्ट पहुंचा
कुछ महीनों पहले बिहार में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में भारी जीत हासिल करने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने सरकार बनाई थी। चुनाव परिणाम आने के बाद से ही विपक्षी दलों ने मतदान प्रक्रिया में अनियमितताओं और वोट चोरी के आरोप लगाए हैं।
अब इन चुनावी गड़बड़ियों और हलफनामे में गलत जानकारी देने के मुद्दे पर बिहार हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। कोर्ट ने विधानसभा के स्पीकर प्रेम कुमार समेत कुल 42 विधायकों को नोटिस जारी किया है। ये नोटिस उन याचिकाओं के आधार पर जारी किए गए हैं, जिनमें चुनाव हारे हुए उम्मीदवारों ने मौजूदा विधायकों की जीत को चुनौती दी है।
याचिकाओं में चुनाव में हुई अनियमितताओं का आरोप
इन याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि मतदान प्रक्रिया के दौरान अनियमितताएं हुई हैं और हलफनामे में गलत या भ्रामक जानकारियां दी गई हैं। पटना हाईकोर्ट ने इन विधायकों को अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों से हारने वाले उम्मीदवारों की ओर से दाखिल याचिकाओं पर जवाब देने का निर्देश दिया है। यदि इन विधायकों का जवाब संतोषजनक नहीं होता है, तो उनकी विधायकी भी खतरे में पड़ सकती है।
मौजूदा विधायकों में भाजपा, जेडीयू और विपक्षी दलों के नेता शामिल हैं। इनमें बिहार के कई प्रमुख नेता भी शामिल हैं। हाईकोर्ट ने ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र यादव, भाजपा विधायक जीवेश मिश्रा, जेडीयू के चेतन आनंद और विधानसभा स्पीकर प्रेम कुमार को नोटिस भेजा है।
विधायकों के हलफनामे में हुई गलतियों का मामला
मामले के अनुसार, इन विधायकों ने चुनाव के दौरान दाखिल किए गए हलफनामों में कई गलत या भ्रामक जानकारियां दी हैं। इन याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इन विधायकों को जवाब देने का निर्देश दिया है। यदि इनका जवाब कोर्ट को संतोषजनक नहीं लगता है, तो इनकी विधायकी पर भी सवाल उठ सकते हैं।
यह मामला बिहार की राजनीतिक स्थिति को गरमाने वाला है, जहां चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। हाईकोर्ट की यह कार्रवाई चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।










