महुआ मोइत्रा ने हेनरी की कस्टडी के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया
तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने अपने पालतू कुत्ते ‘हेनरी’ की अस्थायी हिरासत को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का सहारा लिया है। उन्होंने साकेत कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें हेनरी की अंतरिम कस्टडी देने से इनकार किया गया था। यह मामला मुख्य रूप से हेनरी की कस्टडी को लेकर है। इससे पहले साकेत कोर्ट ने अपने फैसले में महुआ मोइत्रा को हेनरी की अस्थायी देखरेख का अधिकार नहीं दिया था।
महुआ का तर्क: हेनरी उनके प्यार और देखभाल का हिस्सा था
महुआ मोइत्रा का तर्क है कि कोर्ट ने इस बात पर ध्यान नहीं दिया कि हेनरी उन्हें एक पालतू जानवर के रूप में सौंपा गया था, ताकि वह उसकी देखभाल और प्रेम कर सकें। उनका दावा है कि हेनरी अधिकतर समय उनके ही घर में रहता था। उन्होंने यह भी कहा कि जब वह अपने संसदीय क्षेत्र या अन्य आधिकारिक कार्यों के सिलसिले में बाहर रहती थीं, तब हेनरी देहाद्रई (Dehradun) के पास रहता था।
मामले का मुख्य विवाद: मालिकाना हक और कोर्ट का निर्णय
महुआ का आरोप है कि साकेत कोर्ट के फैसले में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि हेनरी का असली मालिक देहाद्रई ही हैं। उनका कहना है कि कोर्ट ने केवल भुगतान के आधार पर मालिकाना हक मान लिया, जो पर्याप्त नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि केनल मालिक और केनल क्लब के दस्तावेज यह साबित करते हैं कि हेनरी उनके पास रहता था। इस पूरे विवाद की सुनवाई अब दिल्ली हाईकोर्ट में होगी, जहां तय किया जाएगा कि हेनरी की अस्थायी कस्टडी किसे दी जाए।









