सूरजकुंड मेले में झूला गिरने का दर्दनाक हादसा
हरियाणा के सूरजकुंड मेले में शनिवार शाम को एक दुखद दुर्घटना हुई, जिसमें एक बड़ा स्विंग राइड अचानक टूट गया। इस हादसे में एक पुलिस अधिकारी की जान चली गई और 12 से अधिक लोग घायल हो गए। घटना के बाद हरियाणा सरकार के एक मंत्री ने मीडिया से बातचीत में इसे भगवान की इच्छा से जोड़ते हुए कहा कि यह हादसा अपेक्षित नहीं था।
पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा ने इस घटना पर संवेदना व्यक्त करते हुए बताया कि प्रशासन ने तत्परता से कार्रवाई की है। उन्होंने यह भी बताया कि झूले का नियमित रूप से सर्टिफिकेशन होता है, और शनिवार सुबह भी उसे सुरक्षित पाया गया था।
हादसे का विस्तृत विवरण और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
मंत्री ने मीडिया को बताया कि सवा छह बजे के करीब स्विंग झूला टूट गया, जिसमें दोनों ओर 13-13 लोग बैठे थे। कुल मिलाकर लगभग 26 लोग इस झूले में सवार थे। हरियाणा सरकार, मुख्यमंत्री, जिला प्रशासन, पुलिस और मेला प्रबंधन सभी पीड़ित परिवारों के प्रति सहानुभूति जता रहे हैं। इस दुर्घटना में एक पुलिस इंस्पेक्टर की मृत्यु हुई है, जो पलवल में तैनात थे और अपनी ड्यूटी के दौरान अपनी जान न्यौछावर कर गए। उनके साथ दो महिला कांस्टेबल भी घायल हुई हैं।
घटना में 12 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ को हल्की चोटें आई हैं और कुछ गंभीर। गंभीर चोटों में हेड इंजरी शामिल है। सभी घायलों का इलाज पास के अस्पतालों में चल रहा है। आठ लोगों का इलाज सुप्रीम अस्पताल में हो रहा है, जबकि चार को बीके अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पतालों ने कई घायलों को इलाज के बाद छुट्टी भी दे दी है।
मंत्री ने हादसे को लेकर धार्मिक दृष्टिकोण और जांच का आश्वासन
मंत्री ने कहा कि जहां तक सर्टिफिकेशन का सवाल है, हर दिन झूलों का निरीक्षण किया जाता है। शनिवार सुबह भी सभी झूलों का परीक्षण किया गया था और वे सुरक्षित थे। उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना को भगवान की इच्छा से जोड़ते हुए कहा कि ऐसा हादसा नहीं होना चाहिए था।
उन्होंने बताया कि वेंडर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। यह समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। साथ ही, गैर इरादतन हत्या के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच कमेटी की अध्यक्षता एडीसी कर रहे हैं, जो शीघ्र ही अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी लापरवाही का पता चलता है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में घायलों का इलाज बीके और सुप्रीम अस्पताल में जारी है।











