पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी
पूर्णिया से निर्वाचित सांसद पप्पू यादव को शुक्रवार रात पटना पुलिस ने एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया है, जो लगभग तीन दशक पुराना है। गिरफ्तारी के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके कारण उन्हें पहले IGIMS अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में अदालत ने उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें दो दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है, ताकि उनका बेहतर इलाज किया जा सके। इस मामले की अगली सुनवाई सोमवार 9 फरवरी को निर्धारित है।
बिहार की राजनीति में उथल-पुथल और समर्थकों का विरोध
पप्पू यादव की गिरफ्तारी के साथ ही बिहार की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जैसे ही पटना पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया, उनके समर्थकों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। गिरफ्तारी के तुरंत बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया, जहां उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। इस घटना ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है।
पुराने केस और गिरफ्तारी का कारण
यह पूरा मामला वर्ष 1995 से जुड़ा है, जिसमें आरोप है कि पप्पू यादव ने पटना के गर्दनीबाग इलाके में एक मकान किराए पर लिया था। शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल का आरोप है कि किराए पर लेने के समय मकान का उपयोग कार्यालय के रूप में किया जाएगा, यह बात छुपाई गई थी। बाद में उस मकान को दफ्तर बनाकर कब्जा कर लिया गया। इस मामले में शिकायत गर्दनीबाग थाना में एफआईआर संख्या 552/1995 के तहत दर्ज कराई गई थी। अदालत में लंबित इस केस में पप्पू यादव को कई बार समन भेजा गया, लेकिन वह पेश नहीं हुए। इस गैर-हाजिरी को गंभीरता से लेते हुए अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया और संपत्ति कुर्क करने का आदेश भी दिया।
अदालत के निर्देश पर शुक्रवार रात पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पप्पू यादव को गिरफ्तार कर लिया। समर्थकों ने इसका विरोध किया, लेकिन पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें रात पुलिस सेल में बितानी पड़ी और शनिवार सुबह उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उनकी तबीयत को देखते हुए दो दिन की न्यायिक अभिरक्षा में उन्हें पीएमसीएच (Patna Medical College and Hospital) भेजने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 9 फरवरी को होगी।











