सोशल मीडिया पर झूठ और धमकियों का बढ़ता प्रभाव
कांग्रेस ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से सोशल मीडिया के लिए एक नई नीति बनाने की अपील की है। इस दौरान उन्होंने ऑनलाइन फर्जी खबरों, झूठी अफ़वाहों और धमकियों के बिना रोकटोक फैलने का जिक्र किया, साथ ही इन मामलों में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई न होने की बात भी उठाई।
गाजियाबाद में हाल ही में तीन युवतियों की आत्महत्या का जिक्र करते हुए, कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने राज्यसभा में कहा कि सोशल मीडिया आज के समय का सबसे शक्तिशाली माध्यम बन चुका है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में सोशल मीडिया पर कोई भी व्यक्ति कुछ भी लिख सकता है, किसी पर भी आरोप लगा सकता है, और एक ही पोस्ट के वायरल होने के बाद झूठ को वापस लेना लगभग असंभव हो जाता है। न तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जिम्मेदारी लेते हैं और न ही उस व्यक्ति को जवाबदेह ठहराते हैं, जिसने वह पोस्ट डाली है।
गाजियाबाद की घटना और सोशल मीडिया का असर
गाजियाबाद में तीन लड़कियों की आत्महत्या के मामले में, रिपोर्ट्स से पता चलता है कि सोशल मीडिया पर फैली अफ़वाहें और कंटेंट उनकी मानसिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहे थे। राजीव शुक्ला ने कहा कि इस तरह के दौर में, जहां हथियारों और जहर को नियंत्रित करने वाले कानून मौजूद हैं, वहीं सोशल मीडिया पर झूठ फैलाने वालों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि ऐसी पारदर्शी और जिम्मेदार नीति बनाई जाए, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान भी करे और गलत खबर फैलाने वालों को जवाबदेह भी ठहराए।
उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया अब केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रहा, बल्कि यह लोगों की राय बनाने का सबसे प्रभावशाली उपकरण बन गया है। इस घटना ने बच्चों के सोशल मीडिया, विदेशी कंटेंट और ऑनलाइन गेमिंग के बढ़ते प्रयोग पर चिंता जताई है, और माता-पिता की निगरानी की आवश्यकता को फिर से उजागर किया है।
ऑनलाइन कंटेंट और सोशल मीडिया नियमावली
पिछले कुछ वर्षों में, सरकार ने ऑनलाइन कंटेंट और जानकारी को नियंत्रित करने के लिए कई कानून बनाए हैं, जैसे सूचना प्रौद्योगिकी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) नियम, 2021। इन नियमों ने सोशल मीडिया इंटरमीडियरीज़ को शिकायत निवारण, ट्रेसबिलिटी, लोकल नोडल अधिकारियों की नियुक्ति और कंटेंट हटाने के लिए जिम्मेदारी दी है।
हालांकि, अभी तक एक व्यापक और प्रभावी सोशल मीडिया नीति का अभाव है। कांग्रेस ने इस दिशा में एक मजबूत फ्रेमवर्क की मांग की है, क्योंकि ऑनलाइन स्पेस में झूठ, गलत खबरें और धमकियां तेजी से फैल रही हैं। सरकार को चाहिए कि वह इस दिशा में जल्द कदम उठाए और जिम्मेदारी भरी नीति बनाये, ताकि डिजिटल दुनिया में सुरक्षित और जिम्मेदार संवाद सुनिश्चित हो सके।











