भोपाल में ब्राह्मण समाज का फिल्म के खिलाफ प्रदर्शन
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गुरुवार से ही तनाव और आक्रोश का माहौल व्याप्त है। सैकड़ों पंडित और ब्राह्मण समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए हैं, जिनका मुख्य मुद्दा हाल ही में ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस फिल्म में ब्राह्मणों का अपमान किया गया है और उन्हें गलत तरीके से चित्रित किया गया है।
प्रदर्शन का कारण और समाज की प्रतिक्रिया
शांतिपूर्ण पूजा-पाठ करने वाले पंडितों ने अपने विरोध को व्यक्त करने के लिए भगवान परशुराम का प्रतीक ‘फरसा’ उठाया है। मध्य प्रदेश ब्राह्मण समाज ने सरकार और फिल्म के निर्माताओं को चेतावनी दी है कि फिल्म को तुरंत ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटा दिया जाए। प्रदर्शनकारियों ने फिल्म के निर्माताओं और कलाकारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की भी मांग की है। उनका तर्क है कि ‘घूसखोर’ शब्द के साथ ‘पंडत’ जोड़ना पूरे समाज की छवि को खराब करने का प्रयास है।
प्रदर्शन के प्रभाव और आगे की रणनीति
प्रदर्शन के कारण भोपाल सहित प्रदेश के कई इलाकों में धार्मिक गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होतीं, वे अपना विरोध जारी रखेंगे। कई पंडितों ने आज सामूहिक रूप से हवन-पूजन का त्याग कर विरोध में भाग लेने का फैसला किया है। इस आंदोलन के चलते प्रदेश में धार्मिक और सामाजिक माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।










