जबलपुर में बुजुर्ग महिला डॉक्टर के साथ क्रूरता का मामला
मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में एक वरिष्ठ महिला डॉक्टर के साथ हुई क्रूरता ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। 81 वर्षीय डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव को उनके ही घर से अत्यंत खराब स्थिति में रेस्क्यू किया गया, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। इस बुजुर्ग डॉक्टर का आरोप है कि उन्हें भोजन तो दूर, पूरे दिन में केवल तीन चम्मच पानी ही दिया जाता था। आशंका जताई जा रही है कि उनकी हत्या की साजिश रची गई ताकि उनकी कीमती संपत्ति पर कब्जा किया जा सके।
डॉक्टर हेमलता की जीवन कहानी और संपत्ति का विवाद
जबलपुर की जानी-मानी महिला डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। उनके एकमात्र बेटे की पहले ही मौत हो चुकी है, और उनके पति का निधन बीते 6 दिसंबर को हुआ था। इसके बाद वह अपने पॉश इलाके राइट टाउन में करोड़ों रुपये की संपत्ति में अकेली रह गई थीं। जानकारी के अनुसार, 9 नवंबर को उन्होंने मेडिकल शिक्षा से जुड़ी एक कॉन्फ्रेंस में भाग लिया था, उस समय वह पूरी तरह स्वस्थ थीं।
सामाजिक और कानूनी जाँच की दिशा में कदम
रिपोर्ट्स के मुताबिक, डॉक्टर हेमलता को भूखा-प्यासा रखकर मौत के करीब पहुंचाने की कोशिश की गई, ताकि उनकी संपत्ति पर कब्जा किया जा सके। पुलिस और प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। आईएमए (Indian Medical Association) ने भी इस घटना को मानवाधिकारों का उल्लंघन बताते हुए बुजुर्ग महिला की जान बचाने का आह्वान किया है। साथ ही, यह भी पता चला है कि उनके नाम कई दानपत्र पहले ही तैयार किए जा चुके हैं, जिनमें कुछ उनके पड़ोसी डॉक्टरों के नाम हैं और कुछ गायत्री परिवार ट्रस्ट के नाम पर हैं। अब पुलिस और प्रशासन की टीमें इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं, ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिल सके।










