हरियाणा के फरीदाबाद में शव ले जाने की अनूठी घटना
हरियाणा के फरीदाबाद जिले से एक अत्यंत संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है, जिसमें एक महिला की मृत्यु के बाद उसके परिवार को शव को मोटराइज्ड ठेले पर लगभग 10 से 12 किलोमीटर तक घर ले जाना पड़ा। इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की उदासीनता और व्यवस्था की कमी को उजागर किया है।
शव ले जाने में अस्पताल की अनदेखी और परिवार की मजबूरी
जानकारी के अनुसार, 35 वर्षीय अनुराधा देवी लंबे समय से टीबी से जूझ रही थीं और उनका इलाज चल रहा था। बुधवार को ही उनका निधन हो गया, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने शव को घर ले जाने के लिए कोई सहायता या वाहन उपलब्ध नहीं कराया। पति का आरोप है कि उन्होंने अस्पताल स्टाफ से शव वाहन या एंबुलेंस की मांग की थी, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। निजी वाहन चालकों ने 500 से 700 रुपये का किराया बताया, जिसे वह देने में असमर्थ थे।
मौत के बाद परिवार की मजबूरी और सोशल मीडिया का प्रभाव
परिवार को मजबूर होकर मोटराइज्ड ठेले का सहारा लेना पड़ा। पति शव के साथ करीब 10-12 किलोमीटर तक पैदल चलता रहा, जबकि उनका बेटा शव को कपड़े से ढककर साथ रहा। अंतिम संस्कार के लिए भी परिवार को पड़ोसियों से उधार लेना पड़ा। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने संज्ञान लिया। बादशाह खान सिविल अस्पताल के सीएमओ ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। अस्पताल का कहना है कि सरकारी एंबुलेंस शव ले जाने के लिए इस्तेमाल नहीं होती और रेड क्रॉस के माध्यम से ही शव वाहन उपलब्ध होता है, जिसके लिए औपचारिक अनुरोध जरूरी है। रेड क्रॉस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस संबंध में कोई सूचना या कॉल नहीं मिली। अस्पताल के सिविल सर्जन ने कहा है कि इस मामले की जांच के लिए वरिष्ठ डॉक्टरों की कमेटी बनाई गई है और रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।











