चंडीगढ़ मेयर चुनाव में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत
चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। इस त्रिकोणीय मुकाबले में भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) आमने-सामने थीं। हालांकि, कांग्रेस ने एक ऐसा निर्णय लिया जिसने पूरे चुनावी परिदृश्य को पूरी तरह से बदल दिया। अंततः, बीजेपी ने सौरभ जोशी को नए मेयर के रूप में चुना है।
वोटिंग प्रक्रिया और चुनाव का संचालन
यह चुनाव पारंपरिक गुप्त मतदान की बजाय हाथ उठाकर समर्थन देने की प्रक्रिया से हुआ। पार्षदों ने अपने-अपने पक्ष में वोट डालते हुए पीठासीन अधिकारी के सामने मौखिक समर्थन भी व्यक्त किया। इस चुनाव का संचालन नगर निगम के पार्षद रमनीक सिंह बेदी ने किया।
गठबंधन की अनुपस्थिति और उप मेयर चुनाव परिणाम
चंडीगढ़ नगर निगम के कुल 35 सदस्यों वाली सभा में भाजपा के पास 18, आम आदमी पार्टी के पास 11 और कांग्रेस के पास 6 पार्षद हैं। इसके अतिरिक्त, सांसद मनीष तिवारी भी एक्स ऑफिशियो (पदेन) सदस्य के रूप में वोट का अधिकार रखते हैं। तिवारी ने कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया। भाजपा की मजबूत स्थिति के कारण कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच कोई गठबंधन नहीं बन पाया।
मेयर चुनाव के बाद उप मेयर पद के लिए भी मतदान हुआ। वरिष्ठ डिप्टी मेयर पद पर भाजपा के जसमनप्रीत सिंह ने आम आदमी पार्टी के मनुआर खान को 18-11 से हराया। वहीं, डिप्टी मेयर पद पर भाजपा की सुमन शर्मा ने आम आदमी पार्टी की जसविंदर कौर को परास्त किया।
इस दौरान कांग्रेस ने मतदान से दूरी बनाई और अपने छह पार्षदों के साथ सांसद तिवारी भी सदन से बाहर चले गए। इस तरह भाजपा ने न केवल मेयर पद पर जीत हासिल की, बल्कि उप मेयर पद भी अपने नाम किया।









