ओडिशा में प्रार्थना सभा को लेकर विवाद और सुरक्षा व्यवस्था
ओडिशा के नबरंगपुर जिले के कपेना गांव में ईसाई समुदाय को प्रार्थना सभा आयोजित करने से रोकने का मामला सामने आया है। इस घटना में लगभग 30 ईसाई परिवारों की सभा को बाधित किया गया और उन्हें धर्म छोड़ने की धमकियां दी गईं। इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया है ताकि शांति बनी रहे।
धार्मिक असहिष्णुता और धमकियों का मामला
कपेना गांव में हिंदू बहुलता है, जहां कुछ परिवार ही ईसाई धर्म का पालन करते हैं। ईसाई समुदाय का आरोप है कि विरोधी समूह ने लाउडस्पीकर के माध्यम से उन्हें अपने धार्मिक अनुष्ठान छोड़ने की धमकियां दी हैं। साथ ही, उन्हें उनके प्रेयर रूम को तोड़ने और परिवारों को गांव से बाहर निकालने की धमकियां भी दी गई हैं। यह घटना धार्मिक सहिष्णुता के लिए चिंता का विषय बन गई है।
पुलिस की तैनाती और शांति बनाए रखने के प्रयास
उमरकोट पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर-इन-चार्ज रमाकांत साई ने बताया कि कुछ लोग चर्च को उसके वर्तमान स्थान से स्थानांतरित करने की मांग कर रहे थे। हालांकि, एक दूसरे समूह ने इस मुद्दे पर समय निकालकर बैठक बुलाई। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अभी तक किसी ने भी कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है, लेकिन घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने सतर्कता बरतते हुए सुरक्षा बढ़ा दी है।











