गणतंत्र दिवस पर मध्य प्रदेश में झांकियों का आयोजन
मध्य प्रदेश के सरकारी विभागों ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर विभिन्न झांकियों का प्रदर्शन किया। इन झांकियों का उद्देश्य देश की विविध सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत को प्रदर्शित करना था। लेकिन गुना जिले में जेल विभाग द्वारा निकाली गई एक झांकी ने विवादों को जन्म दे दिया है।
गुना में जेल विभाग की झांकी विवाद का कारण बनी
परेड ग्राउंड पर प्रदर्शित इस झांकी में जीवित युवक को फांसी पर लटकते हुए दिखाया गया था। साथ ही जेल में वासुदेव की गोद में कृष्ण की प्रतिमा भी नजर आई। झांकी के ऊपर एक पंचलाइन भी लिखी गई थी, जिसमें कहा गया था- “कृष्णकाल से मोहनकाल तक जेलें परिवर्तन की ओर।” इस प्रदर्शन को देखकर जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत भी हैरान रह गए।
प्रदर्शन में जिंदा युवक का फांसी पर लटकना और विवाद
झांकी में जिंदा युवक को फांसी के फंदे पर लटकाया गया था, जिसे देखकर सभी की आंखें फटी रह गईं। युवक के पास ही जेलर साहब खड़े होकर अपनी तस्वीरें भी खिंचवा रहे थे। जेल विभाग ने इस झांकी को निकालकर अपनी पीठ थपथपाई, लेकिन “कृष्णकाल से मोहनकाल तक” की पंचलाइन अब विवाद का विषय बन गई है। जेल विभाग चाह सकता था कि जिंदा युवक की जगह पुतले का प्रयोग करता, लेकिन इस प्रदर्शन में जान लेने का संदेश स्पष्ट रूप से दिखाया गया।









