मदरसे में गणतंत्र दिवस पर नई पहल का आयोजन
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से सटे सीहोर जिले के दोराहा में स्थित मदरसा इस्लामिया मदीनतुल उलूम में गणतंत्र दिवस के अवसर पर एक अनूठी और ऐतिहासिक शुरुआत देखने को मिली। इस कार्यक्रम में मदरसे के छात्रों को वरिष्ठ IPS अधिकारी राजाबाबू सिंह ने संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने मौलाना और मौलवी से आग्रह किया कि वे बच्चों को पर्यावरण संरक्षण और वैज्ञानिक शिक्षा के साथ-साथ गीता के अध्याय भी पढ़ाएं, ताकि आपसी भाईचारे, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता का संदेश फैल सके।
पुलिस अधिकारी का ऑनलाइन संदेश और मदरसे की पहल
इस विशेष आयोजन को प्रदेश पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) (प्रशिक्षण) राजा बाबू सिंह ने डिजिटल माध्यम से संबोधित किया। यह अनूठी पहल मदरसे के प्रमुख मौलवी अजीमुल्ला के प्रयासों से संभव हो पाई। अपने संबोधन में ADG राजा बाबू सिंह ने वरिष्ठ आलिम अमीन उल्ला से संवाद करते हुए कहा, “जैसे कुरान मानव जीवन का सही मार्गदर्शन करता है, वैसे ही गीता भी जीवन को दिशा देने वाले प्रेरक विचार प्रदान करती है। सभी धर्मग्रंथ मानवता, नैतिकता और सद्भाव का संदेश देते हैं। यदि बच्चों को कुरान के साथ-साथ गीता की शिक्षाएं भी सिखाई जाएं, तो समाज में सकारात्मक सोच और संस्कार विकसित होंगे।”
राष्ट्रीय पर्व पर शिक्षा का समागम और जिम्मेदारी का संदेश
राजा बाबू सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के विजन का उल्लेख करते हुए बच्चों को सकारात्मक सोच और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने बताया कि उनके पुराने मित्र और गृह जनपद बांदा (UP) के मौलाना साहब ने अनुरोध किया था कि वह उनके मदरसे के बच्चों को संबोधित करें। इस ऑनलाइन कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि बच्चे अच्छी तालीम प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन उन्हें पर्यावरण संरक्षण, भारत की एकता और अखंडता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और धर्मग्रंथों का अध्ययन भी जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि कुरान के साथ-साथ श्रीमदभागवतगीता का भी अध्ययन करना चाहिए, क्योंकि ये दोनों ग्रंथ मानव जीवन के पथप्रदर्शक हैं।











