चंडीगढ़ नगर निगम में मेयर चुनाव का नया तरीका
चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर चुनाव में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है, जिसमें पहली बार मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए गुप्त मतदान (सीक्रेट बैलेट) की जगह खुले हाथ उठाकर मतदान किया जाएगा। यह निर्णय पिछले कुछ वर्षों में हुए विवादों, क्रॉस वोटिंग, हॉर्स ट्रेडिंग और 2024 के मेयर चुनाव घोटाले के बाद लिया गया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य चुनाव में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है।
राजनीतिक समीकरण और गठबंधन की रणनीति
यह बदलाव राजनीतिक दलों के बीच बढ़ते तनाव और चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस के बीच एक समझौता हुआ है, जिसमें कांग्रेस मेयर पद AAP को सौंपने के लिए तैयार है, जबकि दोनों दल सीनियर डिप्टी मेयर पद के लिए चुनाव लड़ेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष एच.एस. लक्की ने इसे रणनीतिक मजबूरी बताया और कहा कि यह सहयोग बीजेपी को सत्ता से दूर रखने के लिए जरूरी था।
पूर्व मेयर और AAP के पार्षद कुलदीप कुमार ने भी इस समझौते की पुष्टि की है, हालांकि उम्मीदवारों का अंतिम निर्णय अभी बाकी है। दोनों दलों के पास वोटों की संख्या लगभग बराबर है, जिससे मुकाबला बेहद करीबी माना जा रहा है। कुलदीप कुमार का नाम पहले भी मेयर चुनाव विवादों में रहा है, जब 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने उनके कार्यकाल को मान्यता दी थी।
खुली मतदान प्रणाली और चुनाव का महत्व
2024 के मेयर चुनाव में पारदर्शिता लाने के लिए, यूटी प्रशासन ने सीक्रेट बैलेट को हटाकर शो ऑफ हैंड्स से मतदान का निर्णय लिया है। इस प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी, मीडिया की मौजूदगी में मतदान होगा और नए एसओपी का पालन किया जाएगा। रिटर्निंग ऑफिसर के रूप में डॉ. रमणीक सिंह बेदी जिम्मेदारी संभालेंगे।
यह चुनाव 29 जनवरी को होगा, जो 2022 में चुनी गई नगर निगम की अंतिम मेयर चुनाव होगी। वर्तमान में बीजेपी के पास 18 वोट हैं, जिसमें दिसंबर 2025 में AAP से आए दो पार्षद सुमन शर्मा और पूनम देवी भी शामिल हैं। वहीं, AAP के पास 11, कांग्रेस के छह और सांसद मनीष तिवारी के वोट के साथ कुल 18 वोट हैं। इस चुनाव का परिणाम नगर निगम के राजनीतिक समीकरणों को नई दिशा दे सकता है।









