ओडिशा में हाथी की दर्दनाक मौत और वन्यजीव संरक्षण का संकट
ओडिशा के अंगुल जिले में एक हाथी की दुखद मृत्यु हो गई है, जिसने अवैध रूप से रखे गए देसी बम को चबा लिया था। इस घटना में हाथी को गंभीर चोटें आईं, और इसकी पुष्टि मंगलवार को डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर ने की। यह घटना बंटला फॉरेस्ट रेंज के बालुकटा गांव के पथरगड़ा साही के पास हुई, जहां वन अधिकारियों के अनुसार मृत हाथी की उम्र लगभग छह से सात वर्ष के बीच थी। माना जा रहा है कि बम शिकारी जानवरों को डराने या पकड़ने के उद्देश्य से जंगल में रखा गया था।
घायल हाथी का उपचार और मौत का कारण
वन अधिकारियों ने बताया कि घायल हाथी को गंभीर स्थिति में पाया गया और तुरंत ही वन कर्मियों ने उसकी देखभाल शुरू की। मौके पर पहुंचे पशु चिकित्सकों ने आपातकालीन उपचार किया, जिसमें पता चला कि विस्फोट लगभग पांच से छह दिन पहले हुआ था। इससे हाथी के मुंह में गंभीर आंतरिक चोटें आईं, जिससे उसे अत्यधिक दर्द हो रहा था और वह भोजन करने में असमर्थ था।
हाथी का अंतिम संस्कार और वन विभाग की जांच
वनकर्मियों ने हाथी को बेहतर उपचार के लिए कपिलाश एलीफैंट रेस्क्यू सेंटर ले जाने का निर्णय लिया, लेकिन रास्ते में ही उसकी चोटें इतनी गंभीर हो गईं कि उसने दम तोड़ दिया। वन विभाग ने इस मामले में संलिप्त आरोपियों की पहचान करने के लिए जांच शुरू कर दी है। एक अधिकारी ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि हाथी ने बम को अपने मुंह में ले लिया था। यह घटना वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष के मुद्दों को फिर से उजागर करती है। अधिकारियों ने स्थानीय समुदायों से अपील की है कि जंगल में किसी भी प्रकार के अवैध उपकरण न रखें और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता दिखाएं।











