मौनी अमावस्या का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष स्थान है, जिसे अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक माना जाता है। यह दिन स्नान, दान और पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण करने का अवसर प्रदान करता है। शास्त्रों के अनुसार, अमावस्या के दिन किए गए पुण्य कर्मों का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता है। हर माह में एक अमावस्या तिथि आती है, और माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किए गए तर्पण और दान से पितरों को शांति मिलती है और जीवन में आने वाली परेशानियों से मुक्ति मिलती है।
मौनी अमावस्या कब है और इसकी तिथि
इस वर्ष माघ मास में अमावस्या तिथि 17 जनवरी 2026 की रात 11:53 बजे से शुरू होकर 18 जनवरी 2026 की रात 01:08 बजे समाप्त होगी। अतः इस साल मौनी अमावस्या 18 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी। यह तिथि विशेष रूप से धार्मिक अनुष्ठानों और तर्पण के लिए महत्वपूर्ण है।
मौनी अमावस्या का महत्व और उपयुक्त कर्म
मौनी अमावस्या के दिन मौन रहना परंपरा का हिस्सा है। इस दिन मौन रहकर पितरों का तर्पण करने के साथ ही ध्यान, मंत्र जाप और भगवान की पूजा करनी चाहिए। माना जाता है कि इस दिन मौन रहने से आत्मा शुद्ध होती है और मन को शांति मिलती है। हिंदू धर्म में मौन रहना एक आध्यात्मिक साधना माना जाता है, जो व्यक्ति के मनोबल और आत्मिक उन्नति के लिए लाभकारी है।











