मध्य प्रदेश में साइबर ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर अपराधियों ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को ठगने का मामला प्रकाश में आया है। सनावद थाना क्षेत्र के निवासी 80 वर्षीय सेवानिवृत्त प्रोफेसर शशिकांत कुलकर्णी को फर्जी कॉल और व्हाट्सएप संदेश के माध्यम से दो दिनों तक मानसिक रूप से दबाव में रखा गया, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने 10 लाख रुपये आरटीजीएस के जरिए ट्रांसफर कर दिए।
ठगों ने आतंकवादी संगठन का नाम लेकर डराया
अपराधियों ने खुद को दिल्ली पुलिस और जांच एजेंसियों से जुड़ा होने का दावा किया और आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े लेनदेन का भय दिखाया। घटना जनवरी के पहले सप्ताह की है, जब प्रोफेसर को व्हाट्सएप के जरिए एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम अमर सिंह बताया और कहा कि उनके खाते में आतंकवादी संगठन के खाते से लगभग 7 करोड़ रुपये ट्रांसफर हुए हैं। ठग ने यह भी दावा किया कि दिल्ली में कुछ आतंकवादी पकड़े गए हैं और पूछताछ में कुलकर्णी का नाम सामने आया है। इसी आधार पर उन्हें दिल्ली आने का निर्देश दिया गया।
दो दिन तक मानसिक कैद और पुलिस जांच
बुजुर्ग होने के कारण दिल्ली न जाने की स्थिति में, ठगों ने उन्हें 10 लाख रुपये आरटीजीएस करने का दबाव बनाया। लगातार फोन कॉल कर धमकाने के साथ ही कहा गया कि वे डिजिटल अरेस्ट में हैं। इस धमकी के कारण प्रोफेसर ने दो दिनों तक किसी को भी इस घटना के बारे में नहीं बताया। अंततः 12 जनवरी को उन्होंने निर्दिष्ट खाते में 10 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद भी अपराधियों ने पैसे की मांग जारी रखी और कहा कि उनके बैंक खाते में ग्रेच्युटी और पीएफ मिलाकर 50 से 60 लाख रुपये हैं।
जब उनके बेटे को इस घटना का पता चला, तो उसने तुरंत पुलिस को सूचित किया। जांच में पता चला कि दिल्ली पुलिस में ऐसा कोई मामला दर्ज नहीं है और न ही किसी आतंकवादी की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश में मोबाइल नंबरों के आधार पर कार्रवाई कर रही है।
प्रोफेसर ने बताया कि उन्होंने आरोपी का नंबर ब्लॉक नहीं किया ताकि पुलिस की जांच में मदद मिल सके। फिलहाल साइबर सेल में 10 लाख रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कर ली गई है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।











