इंदौर हाई कोर्ट का चीनी मांझे पर सख्त आदेश
मध्य प्रदेश की उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने चीनी मांझे पर लगाए गए प्रतिबंध को कड़ाई से लागू करने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई नाबालिग प्रतिबंधित मांझे का उपयोग करते हुए पतंग उड़ाते पकड़ा जाता है, तो उसके अभिभावकों को भी कानूनी जिम्मेदारी निभानी पड़ेगी। यह कदम पतंगबाजी के दौरान होने वाली खतरनाक घटनाओं को रोकने के लिए उठाया गया है।
कानूनी कार्रवाई और जिम्मेदारी का प्रावधान
हाई कोर्ट ने कहा है कि यदि कोई व्यक्ति प्रतिबंधित चीनी मांझा की बिक्री या उपयोग करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 106(1) और धारा 304-ए के तहत मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। साथ ही, यदि कोई नाबालिग इस खतरनाक मांझे का प्रयोग करता है, तो उसके अभिभावकों को भी जिम्मेदार माना जाएगा। यह कदम पतंगबाजी के दौरान होने वाली मौतों और गंभीर चोटों को रोकने के लिए जरूरी है।
प्रशासनिक कदम और घटनाओं का विवरण
सुनवाई के दौरान इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने अदालत को सूचित किया कि प्रशासन जल्द ही इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए आदेश जारी करेगा। इन आदेशों को पड़ोसी जिलों में भी तुरंत लागू किया जाएगा। पिछले डेढ़ महीने में ही इंदौर में चीनी मांझे से गला कटने की दो घटनाएं हुई हैं, जिनमें 16 वर्षीय किशोर और 45 वर्षीय व्यक्ति की जान चली गई। इसके बावजूद, पतंगबाजी के दौरान प्रतिद्वंद्वियों की पतंग काटने के लिए खतरनाक मांझे का इस्तेमाल जारी है।










