ग्वालियर हाईकोर्ट ने SSP को दी कड़ी फटकार
ग्वालियर हाईकोर्ट की युगलपीठ ने एक हैबियस कॉर्पस मामले में SSP ग्वालियर को सख्त टिप्पणी की है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एडिशनल एडवोकेट जनरल से पूछा कि जब पुलिस खुद कॉर्पस को थाने में मौजूद पाई गई थी, तो फिर एसएसपी क्यों खुद को उसकी बरामदगी का दावा कर वाहवाही लूटने का प्रयास कर रहे हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पुलिस की सूचना पर ही कॉर्पस स्वयं थाने में उपस्थित था, फिर भी एसएसपी क्यों झूठी प्रशंसा का प्रयास कर रहे हैं।
मामले का संक्षिप्त विवरण और कोर्ट का रुख
ग्वालियर के मुरार निवासी योगेश गोयल ने अपने अधिवक्ता अवधेश सिंह भदौरिया के माध्यम से हाईकोर्ट में हैबियस कॉर्पस याचिका दाखिल की थी। याचिका में बताया गया कि 3 मई 2022 को योगेश का विवाह आगरा (Agra) निवासी निशा राठौर से हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। दिसंबर 2023 में उनकी पत्नी ने बेटे कृति को जन्म दिया। योगेश का आरोप है कि उसकी पत्नी का व्यवहार परिवार के प्रति क्रूर था और वह सास से अलग रहने की जिद कर रही थी। पत्नी को खुश रखने के लिए वह अपने माता-पिता से अलग भी रहा, लेकिन घरेलू विवाद खत्म नहीं हुए।
पत्नी का आगरा जाना और कोर्ट का निर्णय
मई 2025 में उसकी पत्नी बच्चे को लेकर मुरार बाजार गई और बिना बताए आगरा चली गई। बाद में उसने मैसेज कर बताया कि वह अपने प्रेमी सचिन से शादी करना चाहती है। जब योगेश ने तलाक के बिना शादी पर आपत्ति जताई, तो पत्नी ने कहा कि बिना तलाक ही शादी होगी और यदि बच्चा चाहिए तो 50 लाख रुपये देने होंगे। 4 दिसंबर 2025 को योगेश अपने दोस्तों के साथ आगरा पहुंचा और बच्चे को लेकर ग्वालियर लौटने लगा, लेकिन उसकी पत्नी ने पुलिस को फोन कर उसे गिरफ्तार करा दिया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान महिला अपने बच्चे के साथ मुरार थाने पहुंची, जहां से पुलिस उसे हाईकोर्ट लेकर आई। कोर्ट ने जब पूछा कि महिला और बच्चे कहां से लाए गए हैं, तो जवाब मिला कि मुरार थाने से। इस पर कोर्ट ने एडिशनल एडवोकेट जनरल से कहा कि जब कॉर्पस खुद थाने में मौजूद था, तो फिर एसएसपी क्यों खुद को उसकी बरामदगी का दावा कर वाहवाही लूट रहे हैं। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद तय की है, जिसमें महिला और उसके बॉयफ्रेंड के संबंधों से जुड़े फोटोग्राफ भी पेश किए जाएंगे।









