पश्चिम बंगाल में ईडी की छापेमारी पर राजनीतिक विवाद तेज
पश्चिम बंगाल में केंद्रीय प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाता जा रहा है। इस मुद्दे ने पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले लिया है, जहां एक ओर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी केंद्र सरकार पर आरोप लगा रही हैं कि ईडी की कार्रवाई उनके खिलाफ राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस कार्रवाई का समर्थन कर रही है और ममता बनर्जी पर तीखे हमले कर रही है।
बीजेपी का आरोप: ममता बनर्जी दबाव में, जांच से घबराई
बीजेपी नेताओं का कहना है कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई से घबराकर मुख्यमंत्री और उनकी सरकार दबाव में आ गई है। उनका मानना है कि ममता बनर्जी और उनकी सरकार इस मामले में खुलकर विरोध कर रही हैं, जो उनके राजनीतिक स्वार्थ का संकेत है। बीजेपी का दावा है कि यह सब उनके खिलाफ राजनीतिक बदले की कार्रवाई है, और जनता इन घटनाओं का जवाब आगामी चुनावों में देगी।
संजय सरावगी का ममता बनर्जी पर तीखा हमला
बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने इस पूरे घटनाक्रम पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की वर्तमान स्थिति यह दर्शाती है कि वह हार से पहले की घबराहट में हैं। सरावगी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने जांच एजेंसी के काम में बाधा डाली और उनके पुलिस अधिकारियों ने भी इसमें भाग लिया।
उन्होंने यह भी कहा कि छापेमारी के दौरान ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुंचीं और वहां से कुछ फाइलें लेकर भागती हुई नजर आईं। सरावगी ने सवाल किया कि उन फाइलों में ऐसा क्या था जिसे छिपाने का प्रयास किया गया। उनका मानना है कि इन फाइलों में कुछ न कुछ गलत जरूर था, और यह सब सरकार की कथित गलतियों को छुपाने का प्रयास है।
संजय सरावगी ने यह भी दावा किया कि जनता इन घटनाओं का जवाब देगी और आगामी चुनावों में ममता बनर्जी की सरकार हार जाएगी। उनका तर्क है कि बंगाल की जनता सरकार की नाकामी से नाराज है और यह नाराजगी चुनाव में स्पष्ट रूप से दिखाई देगी।










