बिहार में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीद का निर्णय दोहराया गया
बिहार सरकार ने फिर से स्पष्ट किया है कि राज्य में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान की खरीद जारी रहेगी। सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को धान बेचने के तुरंत बाद ही भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें किसी भी तरह की वित्तीय परेशानी न हो। इसके साथ ही, यदि किसी कारणवश भुगतान लंबित रह जाता है, तो उसे तुरंत पूरा करने के निर्देश भी दिए गए हैं। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
खाद्य विभाग की समीक्षा बैठक में भुगतान और गुणवत्ता पर जोर
मंगलवार को सचिव अभय कुमार सिंह ने बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड (बीएसएफसी) के मुख्यालय में एक समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित भुगतानों को FIFO (फर्स्ट इन, फर्स्ट आउट) प्रणाली के आधार पर प्राथमिकता से निपटाया जाए, ताकि किसानों को किसी भी तरह की असुविधा न हो। साथ ही, मिलों के निबंधन और फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफआरके) से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की गई। सचिव ने कहा कि 10 जनवरी 2026 तक मिलों से प्राप्त एफआरके सैंपलों की जांच अनिवार्य रूप से पूरी कर ली जाए, ताकि खाद्यान्न की गुणवत्ता मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जा सके।
खाद्य सुरक्षा और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी
बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से जुड़ी विभिन्न योजनाओं-प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, प्रधानमंत्री पोषण योजना, गेहूं आधारित पोषण योजना, किशोरियों के लिए पोषण योजना, कल्याणकारी संस्थान एवं छात्रावास योजना-की भी समीक्षा की गई। सचिव ने कहा कि इन योजनाओं का सफल संचालन सुनिश्चित करने में बीएसएफसी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, और इसे और मजबूत बनाने की आवश्यकता है। साथ ही, खाद्यान्न की नियमित मॉनिटरिंग पर भी जोर दिया गया, ताकि समय पर लाभार्थियों तक खाद्यान्न पहुंच सके। जिन जिलों में परिवहन व्यवस्था में समस्याएं आई हैं, वहां त्वरित कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।










