दिल्ली हाईकोर्ट का सोशल मीडिया दिशानिर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP) और अन्य संबंधित पक्षों को आदेश दिया है कि वे सोशल मीडिया से सभी ऐसे पोस्ट हटा दें, जिनमें बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री और पूर्व राज्यसभा सांसद दुष्यंत कुमार गौतम को अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ने वाले कथित सामग्री शामिल हैं। साथ ही, कोर्ट ने सभी पक्षकारों को यह भी निर्देशित किया है कि वे भविष्य में कोई भी ऐसा कंटेंट पोस्ट या प्रसारित न करें, जिसमें दुष्यंत गौतम का नाम लेकर या उन्हें इस हत्याकांड में कथित वीआईपी के रूप में दर्शाया जाए।
दुष्यंत गौतम ने मानहानि का दावा किया
बता दें कि बीजेपी महासचिव दुष्यंत गौतम ने दिल्ली हाईकोर्ट में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP) और अन्य के खिलाफ मानहानि की याचिका दायर की है। यह याचिका उत्तराखंड में सितंबर 2022 में एक होटल में 19 वर्षीय रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या के मामले को लेकर है। इस मामले में बीजेपी के पूर्व नेता के बेटे पुलकित आर्य को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
मामले की वर्तमान स्थिति और सोशल मीडिया विवाद
अंकिता भंडारी हत्याकांड में नाम उछाले जाने के बाद बीजेपी नेता दुष्यंत गौतम ने इस संबंध में कानूनी कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर इस मामले से जुड़े कई पोस्ट वायरल हो रहे हैं, जिनमें गौतम को कथित रूप से आरोपी बताया गया है। इस संदर्भ में दुष्यंत गौतम ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इन पोस्ट को हटाने और भविष्य में ऐसी सामग्री से बचने का निर्देश मांगा है।











