गुना में पुलिस पर पथराव और हिंसक झड़प की घटना
मध्य प्रदेश के गुना जिले में एक विवादित घटना में पुलिसकर्मियों पर अचानक पथराव किया गया, जिसमें एक कांस्टेबल को बंधक बना लिया गया। इस घटना के दौरान, जब अन्य पुलिस अधिकारी बंधक पुलिसकर्मी को मुक्त कराने पहुंचे, तो उन पर भी पत्थरबाजी कर दी गई। इस हिंसक हमले में चार पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस पर हमला और गांव में तनाव का माहौल
पुलिसकर्मियों पर सिर में लाठी और पत्थरों से हमला किया गया, जिससे पेची गांव में तनाव की स्थिति बन गई है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस ने इस मामले में 30 से अधिक आरोपियों के खिलाफ जान से मारने की कोशिश और शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में मामला दर्ज किया है। साथ ही, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह छापेमारी की जा रही है, लेकिन अधिकतर आरोपी घरों में ताला डालकर गांव छोड़ चुके हैं।
प्रेम प्रसंग से जुड़ी घटना और पुलिस की कार्रवाई
यह पूरा मामला प्रेम संबंधों से जुड़ा हुआ है। मीना समाज के युवक और लोधा समाज की युवती के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसमें युवती युवक के साथ घर से भाग गई थी। चाचौड़ा पुलिस ने युवती को बरामद कर उसे वन स्टॉप सेंटर (One Stop Center) में भेज दिया। परिजनों को इस बात का खेद था कि पुलिस ने युवती को महिला आश्रम में क्यों भेजा और परिजन उसे क्यों नहीं सौंप सके।
इस घटना के बाद परिजनों ने लड़की के घर पर आग लगाने की योजना बनाई। जब परिजन पेची गांव के मंदिर में जुटे थे, तो पुलिस भी सक्रिय हो गई। एक पुलिसकर्मी ने मंदिर में युवती के परिजनों की तस्वीर ले ली, जिससे परिजन भड़क गए। परिजनों ने पुलिसकर्मी पर लाठी से हमला कर दिया, जिससे कांस्टेबल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके बाद पुलिसकर्मी नरेंद्र ओझा को बंधक बना लिया गया।
दूसरे पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव किया, तो उन पर भी जानलेवा हमला कर दिया गया। पुलिसकर्मियों को NH-46 (National Highway 46) पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। घायल उपनिरीक्षक नवाब सिंह ने बताया कि पूरे गांव ने उन्हें घेर लिया था। बंधक बनाए गए पुलिसकर्मी नरेंद्र ओझा को छुड़ाने के प्रयास में उन पर हमला किया गया। इस हमले में सिर, हाथ और पैर में चोटें आई हैं, साथ ही आंखों में मिर्ची भी झोंक दी गई।
पुलिस अधीक्षक ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं और गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने बताया कि युवक और युवती दोनों ने शादी कर ली थी और दोनों ही कानूनी रूप से बालिग हैं। युवती को बरामद कर वन स्टॉप सेंटर भेजा गया है। इस मामले में 30 से अधिक लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। घायल पुलिसकर्मियों का अस्पताल में इलाज जारी है।











