इंदौर के स्वच्छता अभियान पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं
मध्यप्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर की प्रतिष्ठा अब गंभीर जल संकट के कारण धूमिल हो रही है। भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई घटना के बाद अब सोनिया गांधी नगर, गुलजार कॉलोनी और पिपलियाराव जैसे इलाकों से भी भयावह तस्वीरें सामने आ रही हैं। ‘आज तक’ के रियलिटी चेक में खुलासा हुआ है कि जनता, जो करोड़ों का टैक्स भरती है, नाली के बीच से गुजरती पाइपलाइनों और जंग लगे टैंकरों का दूषित पानी पीने को मजबूर है।
गंदे पानी की आपूर्ति और प्रशासन की लापरवाही
भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से दस लोगों की मौत के बाद हाईकोर्ट की कड़ी फटकार के बाद प्रशासन ने टैंकर भेजे, लेकिन उनकी स्थिति भयावह है। जिन टैंकरों से पानी सप्लाई हो रहा है, वे अंदर और बाहर दोनों तरफ जंग और काई से ढके हुए हैं। विपक्षी दल ने इस मुद्दे को लेकर बीजेपी सरकार को कठोर शब्दों में घेरा है। ‘X’ पर विपक्ष ने लिखा, “इंदौर में जिस टैंकर से पानी सप्लाई हो रहा है, वह भीषण जंग और गंदगी से भरा हुआ है। यह तब है जब दूषित पानी से 17 लोगों की जान जा चुकी है। सवाल है, क्या नरेंद्र मोदी और मोहन यादव भी इस गंदे पानी को पीएंगे?”
पीने के पानी में जंग और गंदगी का खतरा
इंदौर में जिस टैंकर से पानी पहुंचाया जा रहा है, वह जंग और गंदगी से भरा हुआ है। यह स्थिति तब है जब अब तक 17 लोगों की जान इस दूषित पानी के कारण जा चुकी है। सवाल उठता है कि क्या देश के शीर्ष नेता भी इस गंदे पानी का सेवन करेंगे? इस गंभीर समस्या ने शहर के नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है, और स्वास्थ्य विभाग ने भी इस मामले में चेतावनी जारी की है।











