मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का विवादित इतिहास
मध्य प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का विवादों से गहरा संबंध रहा है। बीजेपी के इस नेता ने अपने आपत्तिजनक बयानों के कारण पहले भी कई बार सुर्खियां बटोरी हैं। वर्तमान में वह इंदौर में पानी की समस्या पर अपनी भड़कीली टिप्पणियों के कारण आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं।
हाल ही में उन्होंने एक टीवी रिपोर्टर के साथ तीखी बहस की जब पत्रकार ने इंदौर में दूषित पानी के जानलेवा संकट और उससे जुड़ी समस्याओं पर सवाल किए। विजयवर्गीय ने इस दौरान अपने गुस्से का प्रदर्शन किया और एक आपत्तिजनक शब्द का प्रयोग किया, जिससे राजनीतिक माहौल गरम हो गया।
इंदौर में पानी संकट पर विवादित बयान और गुस्सा
विजयवर्गीय ने अपने क्षेत्र में पानी की खराब गुणवत्ता और उससे होने वाली बीमारियों पर सवाल उठाने वाले रिपोर्टर पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि क्यों निवासियों को निजी अस्पतालों के बिलों का भुगतान नहीं करना पड़ता और पानी की व्यवस्था क्यों असंतोषजनक है। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में शुरुआत में संयम दिखाया, लेकिन जैसे ही सवाल तीखे हुए, उनका गुस्सा फूट पड़ा।
उन्होंने रिपोर्टर को फालतू सवाल पूछने से मना किया, लेकिन जब रिपोर्टर ने जवाब देने का दबाव बनाया, तो उन्होंने अपमानजनक शब्द का प्रयोग किया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में विजयवर्गीय को अपनी भाषा पर ध्यान देने की सलाह देते भी देखा गया। इस घटना के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने व्यवहार के लिए खेद व्यक्त किया।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और विवाद की गहराई
मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस घटना की निंदा करते हुए विजयवर्गीय से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री का यह आचरण अहंकार और असंवेदनशीलता का परिचायक है। इस विवादास्पद घटना के साथ ही विजयवर्गीय की विवादित टिप्पणियों का सिलसिला जारी रहा।
अगस्त 2025 में उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 1947 को मिली स्वतंत्रता अधूरी थी, जिसे उन्होंने ‘कटी-फटी’ स्वतंत्रता कहा। अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में उन्होंने ‘अखंड भारत’ का सपना देखा और कहा कि एक दिन भारत का तिरंगा इस्लामाबाद (Islamabad) में फहराया जाएगा। कांग्रेस ने इस बयान को स्वतंत्रता आंदोलन का अपमान माना, जबकि बीजेपी ने इसे उनकी पिछली सरकार की आलोचना का हिस्सा बताया।
इसके अलावा, अक्टूबर 2025 में विजयवर्गीय ने इंदौर में दो ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटरों के साथ कथित छेड़छाड़ की घटना पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को अपने होटल से निकलने से पहले अधिकारियों को सूचित करना चाहिए और इस घटना को दोनों के लिए एक ‘सबक’ बताया। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय क्रिकेटरों की लोकप्रियता को देखते हुए खिलाड़ियों को अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए।
विजयवर्गीय का एक और विवाद अप्रैल 2023 में सामने आया, जब उन्होंने धार्मिक कार्यक्रम में कहा कि ‘छोटे कपड़े’ पहनने वाली लड़कियां ‘शूर्पणखा’ जैसी दिखती हैं। जून 2025 में उन्होंने भारतीय महिलाओं के ‘छोटे कपड़े’ पहनने के चलन को विदेशी सोच बताया और कहा कि यह भारतीय संस्कृति के अनुरूप नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय परंपरा में महिलाओं को देवी का रूप माना जाता है।
विपक्षी दलों ने बार-बार उनके इन बयानों की आलोचना की है। बीजेपी ने कहा है कि विजयवर्गीय की टिप्पणियों को अक्सर गलत समझा जाता है और वे संदर्भ से बाहर ली जाती हैं। इस तरह के विवादित बयान उनके राजनीतिक करियर का हिस्सा बन चुके हैं, जो अक्सर चर्चा का विषय रहते हैं।











