जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी कार्रवाई तेज
जम्मू-कश्मीर के शोपियां और पुलवामा जिलों में आतंकवाद के खिलाफ चल रही जांच के तहत राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने व्यापक छापेमारी की है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ‘व्हाइट कॉलर’ आतंकी नेटवर्क से जुड़े संदिग्धों की गतिविधियों का पर्दाफाश करना है। इस ऑपरेशन के दौरान, आरोपी यासिर अहमद डार की गिरफ्तारी हुई, जिसे इस मॉड्यूल से जुड़े होने के आरोप में हिरासत में लिया गया है।
NIA का मानना है कि यह गिरफ्तारी इस मामले में महत्वपूर्ण सुराग प्रदान कर सकती है। एजेंसी के अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस केस में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। जांच में शामिल सुरागों के आधार पर, पुलिस और CRPF की टीम ने संदिग्ध ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया है।
शोपियां और पुलवामा में चल रही तलाशी अभियान
यासिर अहमद डार को पूछताछ के दौरान दक्षिण कश्मीर के कुछ इलाकों में संदिग्ध स्थानों और छिपने की जगहों की जानकारी मिली है। इन सूचनाओं के आधार पर, शोपियां जिले के पडपावन क्षेत्र और पुलवामा जिले के पंपोर इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया है। ये दोनों क्षेत्र आतंकियों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
एनआईए का उद्देश्य इन स्थानों का विश्लेषण कर यह पता लगाना है कि क्या इन जगहों का इस्तेमाल आतंकियों द्वारा विस्फोटक सामग्री छिपाने, साजिश रचने या आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया गया था। इस जांच के तहत, सुराग जुटाने और संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास जारी है।
रेड फोर्ट धमाके के बाद सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता
दिल्ली के रेड फोर्ट के पास हुए धमाके के बाद से ही सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। इस मामले में, NIA ने पहले ही कई राज्यों में छापेमारी कर कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। एजेंसी का मानना है कि यह ‘व्हाइट कॉलर’ आतंकी मॉड्यूल फंडिंग, लॉजिस्टिक सपोर्ट और स्लीपर सेल नेटवर्क के माध्यम से आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है।
एनआईए के अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी भी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। इस तरह की कार्रवाई से आतंकवाद के खिलाफ देश की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो रही है।











