दिल्ली-एनसीआर में बड़ी ड्रग तस्करी का पर्दाफाश
क्राइम ब्रांच ने नए साल से पहले दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में सक्रिय एक बड़े ड्रग सिंडिकेट का खुलासा किया है, जिसमें दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 2.034 किलोग्राम हेरोइन जब्त की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 10 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
इस कार्रवाई में पुलिस ने हेरोइन की आपूर्ति में इस्तेमाल होने वाले वाहन और सिंडिकेट के संचालन के लिए प्रयोग किए गए छह मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। पूछताछ के दौरान आरोपी अंशुल राणा ने खुलासा किया कि वह दिल्ली-एनसीआर में हेरोइन की आपूर्ति करने वाले एक संगठित गिरोह का हिस्सा है। उसने यह ड्रग्स विक्की से खरीदी थी, जो इसे उत्तर प्रदेश के बरेली से मंगवाता था।
आरोपियों के तार और इंटरनेशनल बाजार में कीमत
पुलिस ने बताया कि जब्त की गई हेरोइन की शुद्धता और इसकी अंतरराष्ट्रीय मांग के कारण इसकी कीमत 10 करोड़ रुपये से अधिक है। यह सिंडिकेट नए साल की पार्टियों में बढ़ती ड्रग्स की मांग को ध्यान में रखते हुए बड़ी मात्रा में ड्रग्स खपाने की योजना बना रहा था। पुलिस अब मोबाइल फोन के जरिए अन्य संपर्कों की जांच कर रही है।
गिरफ्तार आरोपी अंशुल राणा ने पुलिस से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि वह लंबे समय से दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में हेरोइन की सप्लाई कर रहा था। इस नेटवर्क का मुख्य स्रोत उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में है, जहां से विक्की ड्रग्स की खेप लेकर आता था। पुलिस अब बरेली में मौजूद इन सप्लायरों तक पहुंचने के लिए छापेमारी की योजना बना रही है, ताकि इस गिरोह की जड़ को खत्म किया जा सके।
बड़ी ड्रग तस्करी का नेटवर्क और आगे की कार्रवाई
इस गिरफ्तारी से पता चलता है कि दिल्ली-एनसीआर में ड्रग तस्करों का नेटवर्क कितना व्यापक है। पुलिस की यह कार्रवाई न केवल तस्करों को झटका देने वाली है, बल्कि इससे इस क्षेत्र में ड्रग्स की तस्करी पर लगाम लगाने की दिशा में भी कदम बढ़े हैं। आगामी जांच में इन आरोपियों के अन्य संपर्कों और सप्लाई चेन का भी पर्दाफाश किया जाएगा।











