उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का कहर जारी
पूरा उत्तर भारत इस समय तीव्र ठंड और शीतलहर की चपेट में है, जिसमें बिहार भी शामिल है। बिहार की राजधानी पटना सहित राज्य के अधिकांश जिलों में ठिठुरन ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है। सुबह और शाम की ठंड के साथ-साथ दिन के समय भी सूरज की कमजोर किरणें स्थिति को और जटिल बना रही हैं। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभी राहत की कोई संभावना नहीं है और 4 जनवरी तक यही सर्दी का दौर जारी रहेगा।
बिहार में कोल्ड डे और तापमान में गिरावट का दौर
बिहार के कई इलाकों में कोल्ड डे की स्थिति बनी हुई है, जहां अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच का अंतर बहुत कम हो गया है। इस वजह से पूरे दिन सिहरन का अनुभव हो रहा है। सामान्यतः दिन में तापमान बढ़ने से थोड़ी राहत मिलती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो रहा है। आसमान पर हल्की धुंध और बादल छाए रहने के कारण सूरज की गर्मी जमीन तक नहीं पहुंच पा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, बिहार में इन दिनों लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पछुआ हवा चल रही है, जो पहाड़ी और उत्तरी क्षेत्रों से ठंडक लेकर आ रही है। इससे तापमान और गिर रहा है, खासकर उत्तर बिहार के जिलों में। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा, सुपौल, अररिया और किशनगंज जैसे जिले ठंड की चपेट में हैं, जहां लोग घरों में दुबके रहने को मजबूर हैं।
ठंड का प्रभाव यातायात और जनजीवन पर भी दिख रहा है
पटना एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली 14 फ्लाइट्स को घने कोहरे के कारण रद्द करना पड़ा, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई उड़ानों का समय बदला गया और कुछ को पूरी तरह से कैंसिल कर दिया गया। वहीं, रेल यातायात भी ठंड और कोहरे से प्रभावित है, जिससे कई ट्रेनों का संचालन घंटों देरी से हो रहा है। लंबी दूरी की ट्रेनों में देरी सबसे अधिक देखी जा रही है, जिससे यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से आग्रह किया है कि यात्रा से पहले ट्रेनों की स्थिति की जानकारी जरूर ले लें। ग्रामीण इलाकों में भी ठंड का असर अधिक है, जहां खेतों में काम कर रहे मजदूर और किसान सुबह-सुबह घर से निकलने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं। कई जगहों पर लोग अलाव जलाकर ठंड से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की ठंड में लापरवाही से सर्दी, खांसी, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए। इसलिए, गर्म कपड़े पहनना, बाहर कम निकलना और ठंडी हवा से बचाव जरूरी है। मौसम विभाग ने भी लोगों से आग्रह किया है कि अत्यधिक ठंड के दौरान अनावश्यक बाहर न जाएं और यदि जाना जरूरी हो तो सिर, कान और हाथों को ढककर रखें। साथ ही, वाहन चलाते समय कोहरे का ध्यान रखते हुए सावधानी बरतें और धीमी गति से गाड़ी चलाएं।









