दिल्ली सरकार ने आवारा कुत्तों की गिनती का कोई आदेश नहीं दिया
दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि शहर में आवारा कुत्तों की संख्या मापने के लिए किसी भी शिक्षक को ड्यूटी पर लगाने का कोई निर्देश नहीं है। सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही खबरों के अनुसार, शिक्षकों को कुत्तों की गिनती करने का जिम्मा सौंपा जाएगा, लेकिन इस बात को सरकार ने खारिज कर दिया है। इस विषय में शिक्षा विभाग ने भी साफ किया है कि ऐसा कोई आदेश नहीं है।
शिक्षा निदेशालय का स्पष्ट निर्देश और सुरक्षा उपाय
शिक्षा निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया था कि वे स्कूल परिसर में आवारा कुत्तों के प्रवेश को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। इसमें स्कूल की चारदीवारी, गेट और बाड़ को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया था। साथ ही, आवारा कुत्तों से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति का भी आदेश दिया गया था। इन अधिकारियों का काम था कि वे सुनिश्चित करें कि कोई भी आवारा कुत्ता स्कूल परिसर में प्रवेश न कर सके।
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बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता के बीच, दिल्ली में आवारा कुत्तों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे स्कूलों के आसपास सुरक्षा का खतरा बढ़ गया है। इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता संजीव झा ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले अरविंद केजरीवाल की सरकार शिक्षकों को विदेश भेजकर ट्रेनिंग कराती थी, और अब रेखा गुप्ता की सरकार उन्हें कुत्ता गिनने जैसे कामों में लगा रही है। वहीं, दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार ने किसी भी शिक्षक को आवारा कुत्तों की गिनती करने का आदेश नहीं दिया है।











