सहरसा सदर अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियां उजागर
सरकार कितनी भी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का दावा करे, जमीनी हकीकत अक्सर उससे विपरीत ही सामने आती है। ताजा मामला सहरसा (Saharsa) सदर अस्पताल का है, जहां बिजली का करंट लगने से बेहोश हुए एक युवक का इलाज परिजनों ने अस्पताल के बिस्तर पर ही चप्पल से किया। यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।
बिजली के झटके से युवक की बेहोशी और अस्पताल में इलाज का बुरा हाल
जानकारी के अनुसार यह घटना रविवार को हुई, जब शहर के पास के बरियाही इलाके में तार जोड़ने के दौरान युवक मंजीत कुमार को बिजली का करंट लग गया। तेज झटके से वह तुरंत ही बेहोश हो गया। परिजन तुरंत ही उसे सहरसा (Saharsa) सदर अस्पताल लेकर पहुंचे और इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया।
अस्पताल में इलाज शुरू होने के बाद भी युवक को काफी देर तक होश नहीं आया। इस दौरान परिजनों ने अपने स्तर से ही उसका इलाज शुरू कर दिया। एक परिजन लगातार घायल युवक के तलवे पर चप्पल से वार करता रहा, जिसका वीडियो किसी ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया और अब यह सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
होश में आने के बाद मंजीत कुमार ने बताया कि अस्पताल आने के बाद उसे देखने और इलाज करने वाला कोई नहीं था। वह लंबे समय तक बेहोश रहा, लेकिन कोई डॉक्टर या नर्स उसकी देखभाल के लिए नहीं आई। उसने यह भी कहा कि उसकी एक आंख में सूजन है, लेकिन उसे देखने या उसका इलाज करने के लिए भी कोई नहीं पहुंचा।
अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ शिवशंकर मेहता ने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि उस समय इमरजेंसी में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर और नर्स से इस मामले में पूछताछ की जा रही है। अस्पताल प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहा है।
वहीं, सिविल सर्जन ने कहा कि मरीज की हालत अब ठीक है, लेकिन इस घटना ने अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और अस्पताल की व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता को उजागर करता है।











