भोपाल में नर्स की आत्महत्या का दर्दनाक मामला
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक चौंकाने वाला और दुखद घटना सामने आई है। यहां एक नर्स ने अत्यधिक मात्रा में एनेस्थीसिया इंजेक्शन का सेवन कर अपनी जान ले ली। मृतका की पहचान नर्मदापुरम (Narmadapuram) की मेघा यादव के रूप में हुई है, जो अपने उज्जवल भविष्य और सफलता के सपनों के साथ भोपाल आई थी। प्रेम संबंधों में धोखे और मानसिक तनाव ने उसकी जिंदगी को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया।
प्रेम संबंध और तनाव ने लिया जीवन का अंत
मेघा ने नर्मदापुरम में बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की थी, जिसके बाद उसे भोपाल के जेके हॉस्पिटल (JK Hospital) में नर्स की नौकरी मिली। नौकरी मिलने के बाद वह भोपाल शिफ्ट हो गई और वहीं उसकी मुलाकात रूपेश नामक युवक से हुई, जो कैफे और हुक्का लाउंज (Hookah Lounge) चलाता था। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और यह रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया।
परिवार और प्रेमी के बीच तनाव का कारण
मेघा के परिवार वाले रूपेश पर आरोप लगा रहे हैं कि वह चार साल से उनके साथ रह रहा था। मृतका के भाई ने बताया कि दोनों लंबे समय से साथ थे और कई बार नर्मदापुरम के घर भी आए थे। दोनों के बीच शादी की बात चल रही थी, लेकिन एक महीने से उनके बीच अनबन शुरू हो गई थी। परिवार का कहना है कि शादी को लेकर दोनों में कहासुनी हो रही थी। परिवार का दावा है कि वे शादी के लिए तैयार थे, लेकिन रूपेश का कहना था कि उसके घर वाले नहीं मान रहे हैं और उसकी जाति अलग है।
रूपेश का कहना है कि उसकी शादी एक महीने पहले तय हो गई थी, जिसकी जानकारी उसे मेघा की छोटी बहन ने दी थी। लेकिन कुछ दिनों बाद उसने बताया कि उसकी शादी टूट गई है और वह तनाव में है। उसने यह भी कहा कि जब उसकी शादी तय हुई थी, तो मेघा ने स्पष्ट रूप से मना कर दिया था। रूपेश का दावा है कि दोनों ने तय किया था कि वे शादी नहीं करेंगे, और घर वालों से भी झगड़ा हुआ था। वहीं, मेघा के भाई राजा यादव ने कहा कि रूपेश ने शादी से इनकार किया और जाति का बहाना बनाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस ने मेघा का मोबाइल फोन जब्त कर उसकी कॉल डिटेल्स और चैट्स की जांच शुरू कर दी है। कोलार थाना क्षेत्र में दर्ज इस मामले में परिजनों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डिजिटल सबूतों के आधार पर ही मौत के सही कारण और जिम्मेदारों का पता चल सकेगा।










