यूएई सहायता एजेंसी का सूडान में मानवीय प्रयास
हाल ही में, यूएई सहायता एजेंसी ने सूडान में भीषण आंतरिक संघर्ष से प्रभावित लोगों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। इस समझौते में इंटरनेशनल मेडिकल कोर-यूके (International Medical Corps-UK) के साथ मिलकर काम करने का निर्णय लिया गया है। यह सहयोग विशेष रूप से सूडान में संकट के दौरान आपातकालीन चिकित्सा सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई परियोजना से जुड़ा है। इस समझौते के तहत, यूएई सहायता एजेंसी इस मिशन के लिए 2 मिलियन अमेरिकी डॉलर का वित्तपोषण करेगी।
सहयोग का आयोजन और मुख्य उद्देश्य
यह समझौता जायद चैरिटेबल एंड ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन (Jaid Charitable and Humanitarian Foundation) में आयोजित एक समारोह में हस्ताक्षरित किया गया, जिसमें यूएई सहायता एजेंसी के अध्यक्ष तारेक अल अमेरी ने भाग लिया। इस अवसर पर, यूएई सहायता एजेंसी के लॉजिस्टिक्स के कार्यकारी निदेशक राशिद अल शम्सी और इंटरनेशनल मेडिकल कोर-यूके के प्रबंध निदेशक डेविड ईस्टमैन ने भी हस्ताक्षर किए। इस सहयोग का मुख्य लक्ष्य संघर्ष से प्रभावित आबादी में रुग्णता और मृत्यु दर को कम करने के लिए मोबाइल स्वास्थ्य और पोषण टीमों की तैनाती करना है।
संकटग्रस्त क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
इस परियोजना के अंतर्गत, इंटरनेशनल मेडिकल कोर तीन मोबाइल स्वास्थ्य एवं पोषण दल तैनात करेगा, जिनमें से एक का प्रबंधन स्थानीय भागीदार द्वारा किया जाएगा। ये टीमें बाह्य रोगी परामर्श, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, पोषण जांच एवं उपचार, साथ ही रोग निवारण और कुपोषण के मामलों की पहचान के लिए सामुदायिक जागरूकता अभियान चलाएंगी। यह पहल आपातकालीन प्रसूति और लैंगिक हिंसा (GBV) से जुड़ी देखभाल के लिए रेफरल नेटवर्क को मजबूत करेगी, आवश्यक दवाओं और पोषण सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। साथ ही, विस्थापित परिवारों को सुरक्षित जल पहुंचाने के लिए ट्रकों का उपयोग किया जाएगा, जिसमें विशेष रूप से महिला और बच्चों से भरे परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।











