मध्य प्रदेश से आए तीन भाइयों का अपराधी गिरोह
आम तौर पर एक पिता के तीन बेटे अपने-अपने क्षेत्र में सम्मानित होते हैं, लेकिन छतरपुर (मध्य प्रदेश) से बांदा (उत्तर प्रदेश) आकर अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले तीन भाइयों की कहानी पुलिस को हैरान कर देने वाली है। ये तीनों भाई मिलकर चोरी, लूट और टप्पेबाजी जैसे अपराधों को अपने परिवार का व्यवसाय बनाकर अंजाम दे रहे थे। उत्तर प्रदेश की अतर्रा कोतवाली पुलिस ने इनमें से दो भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरा अभी भी फरार है।
पुलिस की गिरफ्त में आए अपराधी और उनकी गिरफ्तारी का खुलासा
जब पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ा, तो उसने जो कहानी बताई, वह सुनकर अधिकारी भी दंग रह गए। ये तीनों भाई छतरपुर से आकर बड़े ही योजनाबद्ध तरीके से अपराध कर रहे थे। पुलिस ने इनके पास से एक लाख 40 हजार रुपये नकद, एक बाइक और अवैध तमंचा भी बरामद किया है। बीते दिनों इन अपराधियों ने एक बाइक सवार से डेढ़ लाख रुपये की लूट की थी, जिसके बाद पुलिस की दो टीमें इनकी तलाश में लगी हुई थीं।
अपराधियों का नेटवर्क और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, ये तीनों भाई अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए अपराध को अपना व्यवसाय बनाकर चल रहे थे। इनका मुख्य काम भीड़भाड़ वाले स्थानों जैसे बैंक, मंडी, बस स्टेशन और रेलवे स्टेशन पर रेकी कर चोरी, लूट और टप्पेबाजी की घटनाओं को अंजाम देना था। ये अपराधी महिलाओं का पीछा कर उनके कपड़ों में गंदी चीज डालकर उन्हें भ्रमित करते और फिर उनसे चोरी कर लेते। पुलिस ने इन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि तीसरे भाई की तलाश जारी है।










