बिहार के कटिहार में नकली पुलिस का खौफनाक खेल
बिहार के कटिहार जिले से एक चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है, जिसमें नकली पुलिस टीम बनाकर एक दुकानदार के साथ धोखाधड़ी और अपहरण की कोशिश की गई। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। इस जालसाजी का मास्टरमाइंड खुद थाने में तैनात एक पुलिस ड्राइवर ही निकला, जिसने अपने साथी अपराधियों के साथ मिलकर इस घिनौने खेल को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है।
घटना का स्थान और आरोपी की भूमिका
यह घटना फलका थाना क्षेत्र के मोरसंडा गांव की है। जानकारी के अनुसार, थाने में अनुबंध पर तैनात चालक अमन कुमार अपने तीन साथियों के साथ एक सफेद रंग की कार में गांव पहुंचा। आरोप है कि इन लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर दुकानदार मोहम्मद राहिल को जबरन दुकान से खींचकर गाड़ी में बैठाने का प्रयास किया। आरोपियों ने दुकानदार से कहा कि “थाने में बड़ा बाबू बुला रहे हैं,” जिससे उसकी चिंता बढ़ गई।
डर और ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
जब दुकानदार मोहम्मद राहिल को संदेह हुआ और उसने इन लोगों से जाने से इनकार कर दिया, तो उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। उसकी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। इन संदिग्ध व्यक्तियों के पास न तो वर्दी थी और न ही कोई पहचान पत्र, जिससे ग्रामीणों में संदेह पैदा हो गया। ग्रामीणों ने तुरंत मोबाइल से फलका थाना को सूचित किया।
मौके पर पहुंची पुलिस ने संदिग्ध वाहन की तलाशी ली, जिसमें से प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप की चार बोतलें और दो नए मोबाइल फोन बरामद किए गए। इस दौरान एक आरोपी फरार हो गया, जबकि पुलिस ने अमन कुमार (24), अमित राज और बमबम कुमार यादव को हिरासत में ले लिया। फरार आरोपी की पहचान ब्रजेश कुमार के रूप में हुई है, जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस की जांच और गिरफ्तारी
पुलिस ने इस मामले में अपहरण के प्रयास और अवैध वसूली के आरोप में केस दर्ज किया है। कटिहार के एएसपी अभिजीत कुमार सिंह ने पुष्टि की कि आरोपी अमन कुमार, जो कि थाने का कॉन्ट्रैक्ट ड्राइवर था, ने छुट्टी लेकर अपने साथियों के साथ इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और मामले की गहन जांच जारी है।











