दिल्ली-एनसीआर में घने कोहरे और प्रदूषण का कहर
दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्र में घने कोहरे और अत्यधिक वायु प्रदूषण के कारण हवा की गुणवत्ता गंभीर स्तर पर पहुंच गई है। सुबह के समय वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) कई इलाकों में 400 से ऊपर दर्ज किया गया है, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक संकेत है। पिछले कुछ दिनों से पूरे दिल्ली का वातावरण खराब हो रहा है, जिससे सांस लेने में कठिनाई और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं।
मौसम और वायु प्रदूषण का प्रभाव
मौसम पूर्वानुमान एजेंसी Skymet के अनुसार, मौजूदा मौसम की स्थिति कोहरा बनने के लिए अनुकूल है। इस कारण से घना कोहरा और स्मॉग का दृश्य आम हो गया है। सुबह के समय दृश्यता में तेज गिरावट देखी जा रही है, जो न केवल आम जीवन को प्रभावित कर रहा है बल्कि यातायात व्यवस्था पर भी भारी असर डाल रहा है। हवाई अड्डों पर उड़ानें भी प्रभावित हो रही हैं, जहां विमानों को CAT III परिस्थितियों में उड़ान भरनी पड़ रही है।
कोहरे का असर और आने वाले मौसम की संभावना
घना कोहरा केवल दिल्ली तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भी दृश्यता काफी कम हो गई है। इससे लंबी दूरी की ट्रेनों में देरी हो रही है और राष्ट्रीय तथा राज्य राजमार्गों पर यातायात की रफ्तार धीमी हो गई है। सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है, इसलिए वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि 20 दिसंबर के आसपास पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस आने की संभावना है, जो उत्तरी मैदानी इलाकों में हवाओं की गति को कमजोर कर सकता है। मौसम की इन परिस्थितियों के चलते अगले कुछ दिनों में फिर से घने कोहरे की संभावना है, खासकर 21 और 22 दिसंबर को।









