ओडिशा के बालासोर में जंगली हाथी का आतंक और ग्रामीणों का भय
ओडिशा के बालासोर जिले में शुक्रवार को एक दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र में खौफ का माहौल बना दिया है। खैरा तहसील के बंसगढ़िया पंचायत के अंतर्गत स्थित कलमाचुआ गांव में एक जंगली हाथी ने अचानक उत्पात मचाते हुए एक युवक की मौके पर ही जान ले ली, जबकि दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक की पहचान पुरवापाड़ा गांव के सुरेंद्र दास के रूप में हुई है। इस घटना के बाद से गांव और आसपास के इलाकों में भय और तनाव का माहौल व्याप्त है।
हाथी का भोजन की तलाश में घुसना और हिंसक हमला
जानकारी के अनुसार, यह जंगली हाथी भोजन की खोज में गांव में घुस आया था। इसी दौरान तीन युवक अचानक हाथी के सामने आ गए। हाथी अत्यंत उग्र हो गया और उसने सुरेंद्र दास को जोर से धक्का देकर कंक्रीट की सड़क पर गिरा दिया, फिर उसके पैरों से कुचल दिया। इस हमले में सुरेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। हाथी ने अन्य दो युवकों पर भी हमला किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
आवाजाही और ग्रामीणों की शिकायतें, राहत और प्रशासनिक कदम
घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है। कलमाचुआ गांव समेत आसपास के क्षेत्रों में हाथी का आतंक फैल गया है। बताया जा रहा है कि यह जंगली हाथी पिछले दो दिनों से इलाके में घूम रहा था और कई गांवों में घुसकर पेड़-पौधों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि हाथी की मौजूदगी की जानकारी पहले से थी, लेकिन कुपारी वन मंडल की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। यदि समय रहते कार्रवाई की गई होती, तो एक निर्दोष की जान बचाई जा सकती थी।
खैरा रेंज के तहसीलदार अमित रंजन होता ने बताया कि हाथी के हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई है और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। सभी घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। कलेक्टर के निर्देश पर रेड क्रॉस से आर्थिक सहायता दी जाएगी और यदि किसी घर को नुकसान पहुंचा है, तो राजस्व विभाग के नियमों के अनुसार मुआवजा भी दिया जाएगा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। वन विभाग की टीम मौके पर मौजूद है और हाथी को क्षेत्र से बाहर निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। डीएफओ से चर्चा के बाद पीड़ितों और मृतक के परिवार को अतिरिक्त सहायता भी दी जाएगी। स्थिति को देखते हुए आसपास के दस गांवों के स्कूलों में छुट्टियों की घोषणा कर दी गई है। वन विभाग ने हाथी की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी है ताकि भविष्य में कोई और हादसा न हो।











