दिल्ली में धुंध और खराब वायु गुणवत्ता का कहर
दिल्ली के विभिन्न इलाकों में इस समय घनी धुंध का दृश्य देखने को मिल रहा है, जिससे शहर की वायु गुणवत्ता गंभीर स्तर पर पहुंच गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार वजीरपुर, जहांगीरपुरी, नेहरू नगर, आईटीओ और रोहिणी जैसे क्षेत्रों का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 350 से ऊपर दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि वायु प्रदूषण का स्तर बहुत ही खतरनाक सीमा पर है, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
खराब वायु गुणवत्ता के संकेतक और स्वास्थ्य प्रभाव
एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) का मानक 0 से 50 तक अच्छा माना जाता है, जबकि 51 से 100 संतोषजनक, 101 से 200 मध्यम, 201 से 300 खराब, 301 से 400 बहुत खराब और 401 से ऊपर गंभीर श्रेणी में आता है। इस समय दिल्ली के कई इलाकों में AQI 350 से ऊपर है, जैसे आनंद विहार का 341 और आईटीओ का 360। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि शहर में जहरीली धुंध का प्रभाव गहरा है, जो सांस लेने में कठिनाई और स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं को जन्म दे सकता है। दिल्ली एम्स क्षेत्र में भी वायु प्रदूषण का स्तर बहुत ही खतरनाक है।
वायु प्रदूषण के क्षेत्रीय आंकड़े और सरकार की प्रतिक्रिया
दिल्ली के विभिन्न स्थानों का AQI आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है, जिसमें अलीपुर का 314, अशोक विहार का 350, बवाना का 378, और द्वारका सेक्टर 8 का 342 शामिल हैं। वहीं, आईजीआई एयरपोर्ट का AQI 263 और नजफगढ़ का 304 है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि राजधानी के अधिकांश इलाकों में वायु गुणवत्ता बहुत खराब स्तर पर है। सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई कदम उठाए हैं, जैसे वाहनों पर प्रतिबंध और धुआं फैलाने वाले उद्योगों की निगरानी, ताकि दिल्ली की हवा को स्वच्छ किया जा सके।










