राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर तीखा हमला और चेतावनी
दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस ने ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नाम से एक विशाल रैली का आयोजन किया, जिसमें राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने बीजेपी पर वोट चोरी का आरोप लगाते हुए चुनाव आयुक्तों की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। राहुल गांधी ने विशेष रूप से चुनाव आयोग को कानूनी इम्यूनिटी प्रदान करने वाले कानून का जिक्र किया और इसे सरकार की मिलीभगत का प्रतीक बताया।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल और राहुल गांधी की चेतावनी
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग बीजेपी सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव आयोग से जुड़े कानून में बदलाव कर उसे पूरी तरह से सुरक्षित कर दिया है, जिससे चुनाव आयुक्तों को कोई भी कार्रवाई से बचाया जा सकता है। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि ये कानून केवल मोदी सरकार की रक्षा के लिए बनाए गए हैं और चुनाव आयोग को भारत के चुनाव आयुक्त के रूप में नहीं, बल्कि मोदी के समर्थक के रूप में देखा जा रहा है।
विचारधाराओं की लड़ाई और भविष्य की योजनाएं
राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि यदि उनकी सरकार बनती है, तो इस कानून में बदलाव किया जाएगा और चुनाव आयुक्तों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्य और अहिंसा की विचारधारा का समर्थन करती है, जबकि दूसरी ओर RSS की विचारधारा सत्ता के लिए कुछ भी कर सकती है। राहुल गांधी ने सीधे तौर पर कहा कि चुनाव आयुक्त भारत के हैं, न कि नरेंद्र मोदी के। साथ ही, उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधते हुए कहा कि संसद में उनके जवाब में घबराहट साफ नजर आई और सत्ता हाथ से जाने के बाद बीजेपी नेताओं की बहादुरी भी खत्म हो जाएगी।











