कूनो नेशनल पार्क में चीता शावक की दुखद मौत
मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। यहाँ मादा चीता वीरा के एक शावक की जंगल में ही मौत हो गई है। यह घटना शुक्रवार दोपहर के समय हुई, जब शावक का शव जंगल के एक क्षेत्र में पाया गया। इस खबर के सामने आने के बाद वन विभाग और चीता संरक्षण परियोजना की टीम में हड़कंप मच गया है।
रिलीज के तुरंत बाद शावक का अलगाव और मौत
यह घटना ठीक एक दिन पहले 4 दिसंबर को हुई, जब मादा चीता वीरा और उसके दो शावकों को खुले जंगल में छोड़ा गया था। रिलीज के केवल 24 घंटे भी पूरे नहीं हुए थे कि यह दुखद खबर आई। परियोजना के फील्ड डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि मृत शावक लगभग 10 महीने का था। उसे उस दिन अपनी मां वीरा और दूसरे शावक के साथ जंगल में छोड़ा गया था। लेकिन रात होते ही वह अपनी मां और भाई से अलग हो गया, और शुक्रवार को उसकी मृत अवस्था में खोज की गई।
मौत का कारण और आगे की कार्रवाई
उत्तम कुमार शर्मा ने कहा कि शावक की मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल, मादा चीता वीरा और दूसरा शावक सुरक्षित और स्वस्थ हैं। उन्होंने यह भी बताया कि टीम लगातार मौके पर निगरानी कर रही है। शावकों के जंगल में छोड़े जाने के बाद यह शुरुआती अवधि बहुत ही संवेदनशील होती है, इसलिए वन्यजीव विशेषज्ञ और मेडिकल टीम सतर्क हैं। इस घटना के बाद कूनो पार्क में अब कुल 28 चीते बचे हैं, जिनमें से आठ वयस्क (पांच मादा और तीन नर) हैं, और बाकी 20 चीते भारत में जन्मे हैं। पार्क प्रबंधन का दावा है कि बाकी सभी चीते स्वस्थ हैं और उनकी निगरानी जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है ताकि मौत का कारण स्पष्ट हो सके।











