भारत की मानवीय सहायता और राहत कार्य जारी
चक्रवात दित्वा के कारण उत्पन्न तबाही के बाद भारत ने श्रीलंका में अपने मानवीय प्रयासों को तेज कर दिया है। ऑपरेशन सागर बंधु के तहत भारत ने समन्वित तरीके से राहत, चिकित्सा और बचाव कार्यों को संचालित किया है। इस प्राकृतिक आपदा में द्वीपीय देश में चार सौ से अधिक लोगों की जान गई है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई है। भारतीय वायु सेना का एक और सी-17 ग्लोबमास्टर गुरुवार को कोलंबो पहुंचा है, जिसमें बेली ब्रिज इकाइयों के साथ-साथ इंजीनियर और चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम भी शामिल है।
सड़क संपर्क बहाल करने के लिए भारतीय सेना का प्रयास
यह दूसरा भारतीय वायु सेना का सी-17 विमान है जो बेली ब्रिज इकाइयों के साथ श्रीलंका के कोलंबो पहुंचा है। बुधवार रात को पहुंचे भारतीय फील्ड इंजीनियरों ने प्रमुख मार्गों पर क्षतिग्रस्त सड़कें सुधारने का कार्य शुरू कर दिया है। भारतीय उच्चायोग ने बताया कि ये इंजीनियर घटनास्थल पर पहुंचकर चक्रवात दित्वा के कारण टूटे हुए संपर्क मार्गों को फिर से चालू करने में जुटे हैं। इससे प्रभावित समुदायों को आवश्यक सहायता पहुंचाने में मदद मिल रही है और आपूर्ति व्यवस्था में सुधार हो रहा है।
बचाव अभियान और राहत कार्यों का विस्तार
इसके अलावा, भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टरों ने कोटमाले के पास राहत अभियान जारी रखा है। इन हेलीकॉप्टरों ने जरूरतमंदों को समय पर सहायता पहुंचाई है। 28 नवंबर को आए इस चक्रवाती तूफान दित्वा ने पूरे श्रीलंका में भारी बाढ़, वर्षा और भूस्खलन जैसी आपदाएं मचाई हैं, जिससे कई जिलों में व्यापक तबाही हुई है। इस संकट के मद्देनजर भारत ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए प्रभावित क्षेत्रों में खाद्य सामग्री, चिकित्सा सहायता, बचाव उपकरण और अन्य आवश्यक वस्तुएं पहुंचाने के लिए ऑपरेशन सागर बंधु शुरू किया है।











