मध्य प्रदेश में इंटरनेशनल बाघ तस्कर की गिरफ्तारी
मध्य प्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (STSF) और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) ने नई दिल्ली की मदद से एक बड़ी सफलता हासिल की है। कई महीनों की मेहनत के बाद, 10 वर्षों से वांटेड अंतरराष्ट्रीय बाघ तस्कर यांगचेन लाचुंगपा को भारत-चीन सीमा के पास लाचुंग, मंगन, उत्तर सिक्किम से गिरफ्तार किया गया है।
बाघ और पेंगोलिन की अवैध तस्करी में वांटेड था आरोपी
यह आरोपी सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में बाघ और पेंगोलिन के अवैध शिकार तथा बाघ की हड्डियों और पेंगोलिन के स्केल की नेपाल के रास्ते चीन में तस्करी करने वाले गिरोह का हिस्सा था। इस मामले का दर्जा जुलाई 2015 में किया गया था। यांगचेन लाचुंगपा इस अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरोह का महत्वपूर्ण सदस्य था, जिसका नेटवर्क भारत, नेपाल, भूटान और चीन तक फैला हुआ है।
गिरोह के खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी का विवरण
STSF ने अब तक इस संगठित गिरोह के 31 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से कई पहले ही सजा पा चुके हैं। यह देश का पहला मामला है जिसमें शिकारियों से लेकर तस्करों तक पूरे गिरोह को पकड़ा गया है। इंटरपोल ने भारत सरकार के अनुरोध पर यांगचेन लाचुंगपा के खिलाफ रेड नोटिस जारी किया था, ताकि उसे किसी भी देश में पकड़ने में मदद मिल सके।
संयुक्त टीम ने बेहद कठिन परिस्थितियों और कम तापमान वाले क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया। गंगटोक अदालत से ट्रांजिट वारंट मिलने के बाद, उसे 3 दिसंबर की रात मध्य प्रदेश लाया गया है। अब आरोपी को नर्मदापुरम की अदालत में पेश कर रिमांड मांगी जाएगी, ताकि इस गंभीर मामले की आगे की जांच की जा सके। मध्य प्रदेश सरकार ने इस सफलता के लिए STSF टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।









